‘सुविधा’ के लिए बदलवाना चाहते हैं केंद्र

मुजफ्फरपुर : सफलता के लिए शाॅर्टकट का फाॅर्मूला हर क्षेत्र में चर्चित है. नौकरी-पेशा हो या छात्र. हर कोई अब शाॅर्टकट से सफल होने के प्रयास में है. शिक्षा के लिए यह निश्चित ही संकट का दौर है. इसकी ताजा बानगी रविवार को शहर में दिखी, जब एमआइटी के छात्र-छात्राओं ने करीब 12 घंटे तक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 21, 2017 5:47 AM

मुजफ्फरपुर : सफलता के लिए शाॅर्टकट का फाॅर्मूला हर क्षेत्र में चर्चित है. नौकरी-पेशा हो या छात्र. हर कोई अब शाॅर्टकट से सफल होने के प्रयास में है. शिक्षा के लिए यह निश्चित ही संकट का दौर है. इसकी ताजा बानगी रविवार को शहर में दिखी, जब एमआइटी के छात्र-छात्राओं ने करीब 12 घंटे तक सड़क जाम किया. उनकी मांग परीक्षा केंद्र बदलवाने की थी. दिनभर चली खींचतान बेनतीजा रही, तो सोमवार से उन्हें पूर्व

निर्धारित केंद्र पर ही परीक्षा देनी पड़ी. अलबत्ता, इस मामले ने एक बड़ा सवाल छोड़ दिया.
केंद्र निर्धारण पूरी तरह कॉलेज या विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है, तो बच्चों को इससे दिक्कत क्यों? इसका जवाब
खोजने के लिए सोमवार को प्रभात खबर ने परिचर्चा का आयोजन किया, इसमें शिक्षकों के साथ ही छात्रों को भी शामिल किया गया. ढेर सारी बातों के बीच कुछ छात्रों का
यह जवाब झकझोरता रहा कि स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक-संसाधन
की कमी है जिससे समय पर कोर्स पूरा नहीं होता, उनके सामने क्या
विकल्प है.
वहीं शिक्षक वर्ग ने भी पढ़ाई से छात्रों की बढ़ रही दूरी को इसके लिए जिम्मेदार माना. साथ ही सुझाव भी दिया कि बच्चों व शिक्षकों के बीच बढ़ रही दूरी को कम करके इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है. इसके लिए पहल करनी होगी. अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो शाॅर्टकट के चक्कर में छात्रों का कॅरियर गर्त में जायेगा.