पुराने पंप से कैसे निकलेगा पाताल में जा रहा पानी

मुजफ्फरपुर : गर्मी के धमक के साथ जहां पानी के लिए हायतौबा मचना शुरू हो गया है. वहीं निगम के वर्षों पुराने पंप पानी निकालने में हांफने लगे है. इसके कारण पानी की समस्या धीरे-धीरे गहराने लगी है. पानी के लिए लोग अभी से ही तरसने लगे है. शहर के विभिन्न इलाकों में विशेषकर के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर : गर्मी के धमक के साथ जहां पानी के लिए हायतौबा मचना शुरू हो गया है. वहीं निगम के वर्षों पुराने पंप पानी निकालने में हांफने लगे है. इसके कारण पानी की समस्या धीरे-धीरे गहराने लगी है. पानी के लिए लोग अभी से ही तरसने लगे है. शहर के विभिन्न इलाकों में विशेषकर के स्लम एरिया में स्थित पब्लिक पोस्ट पर लोगों की लंबी कतार लगनी शुरू हो गयी है.

निगम में नलके में फोर्स नहीं रहता है इस कारण लोगों को पानी भरने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है. निगम के 24 पानी पंप से पूरे शहर को जलापूर्ति होती है, इसमें 9 पंप 5 साल पुराने, 2 पंप 7 साल, 2 पंप नौ साल पुराने है व दो पंप हाल में ही चालू हुए हैं. इसके अलावा जो शेष पंप है 18 से 40 साल पुराने हैं. सभी पंप हाउस भवन व उसमें वायरिंग की स्थिति जर्जर है. अभी जल स्तर 5 से 7 फुट तक गया है, धीरे-धीरे जल स्तर में गिरावट का दौड़ जारी है. 10 से 15 फुट नीचे जलस्तर जाने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है. शहर में कुल 49 वार्ड है और निगम के पास पानी के 18 टैंकर है. जिससे शादी ब्याह, सरकारी कार्यक्रम सहित अन्य जगहों पर पानी पहुंचाया जाता है.
कांटी को जल संकट से निजात नहीं : मुजफ्फरपुर : कांटी निवासी एडवोकेट डॉ अजय शंकर शर्मा ने कहा है कि कांटी थर्मल पावर की वजह से क्षेत्र में गहराया जल संकट का निदान नहीं निकाला गया है. इससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. पानी के लेयर नीचे जाने से जन जीवन प्रभावित हो रहा है. पेड़-पौधे सूखने लगे हैं.
जल संकट को दूर करने के लिए पीएचइडी विभाग को थर्मल के आस-पास के गांव में चापाकल लगाने का निर्देश दिया है. लेकिन जब जमीन के नीचे पानी ही नहीं बचेगा तो चापाकल लगाने से क्या लाभ मिलेगा. उन्होंने थर्मल पावर को पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है. साथ ही कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो लोग एक बार फिर आंदोलन के लिए विवश होंगे. इसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी.
पंप हाउस व वायरिंग की हालत है जर्जर
निगम प्रशासन की ओर से पानी के चल रहे अवैध करोबार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी. पानी के कारोबारियों की पुरानी सूची के साथ नयी सूची तैयार की जा रही है. निगम के सभी पंप हाउस से जलापूर्ति हो रही है. बिजली के मेनटेनेंस कार्य को लेकर थोड़ी परेशानी हो रही है.
केके सिंह, जलकार्य अधीक्षक, नगर निगम
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