कौन थे पत्थर चलानेवाले लोग

मुजफ्फरपुर : मनियारी में छात्र सूरज की हत्या के एक दिन बाद शनिवार को वामदलों की संयुक्त घटनास्थल पर पहुंची और वहां लोगों से बात की. बातचीत के बाद सदस्यों ने स्थानीय पुलिस पर निशाना साधा. कहा, मनियारी थानेदार की मिलीभगत के कारण यहां प्राय: आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं. हत्या से एक दिन पूर्व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर : मनियारी में छात्र सूरज की हत्या के एक दिन बाद शनिवार को वामदलों की संयुक्त घटनास्थल पर पहुंची और वहां लोगों से बात की. बातचीत के बाद सदस्यों ने स्थानीय पुलिस पर निशाना साधा.

कहा, मनियारी थानेदार की मिलीभगत के कारण यहां प्राय: आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं. हत्या से एक दिन पूर्व भी सुरेश साह नाम के व्यक्ति से पंद्रह सौ रुपये लूट ली गयी थी. आरोप लगाया कि सूरज हत्याकांड के बाद स्थानीय लोग डीएम व एसएसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन घटनास्थल पर बीडीओ व डीएसपी के अलावा कोई अधिकारी नहीं पहुंचे. स्थानीय जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मामले को सुलझाने में लगे थे, इसी बीच एसएसपी अभियान के नेतृत्व में जवानों लाठी चटकानी शुरू कर दी. इसके बाद उल्टे स्थानीय लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने घटनास्थल पर पत्थर चलाने वालों पर भी निशाना साधा. सवाल किया कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने ऐसा किया? उनकी तसवीर सामने आने के बाद भी उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा रहा है. टीम में सीपीआइ के जिला सचिव अजय कुमार सिंह, चंद्रशेखर प्रसाद चौधरी, एसयूसीआइ (कम्युनिस्ट) के जिला सचिव अर्जुन कुमार, मो इदरीस, सीपीआइ (एम) के जिला सचिव अब्दुल गफ्फार, रामनरेश राम, भाकपा (माले) के राम सकल दास, सीपीआइ (एमएल)-एनडी के रूदल राम शामिल थे.
छात्र सूरज हत्याकांड
घटनास्थल पर पहुंची संयुक्त वाम दल की टीम ने उठाये सवाल
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