डिस्टेंस के निलंबित एओ पर सख्ती, अब वित्तीय अनियमितता मामले में होगी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर: बिना मान्यता एमफिल कोर्स चलाने में फंसे डिस्टेंस के निलंबित एओ ललन कुमार की मुश्किलें दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं. सरकारी गाड़ी वापस करने को लेकर नोटिस भेजने के बाद विवि प्रशासन अब उनके खिलाफ गायब संचिका व सरकारी राशि को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करने के मामले में कार्रवाई की तैयारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर: बिना मान्यता एमफिल कोर्स चलाने में फंसे डिस्टेंस के निलंबित एओ ललन कुमार की मुश्किलें दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं. सरकारी गाड़ी वापस करने को लेकर नोटिस भेजने के बाद विवि प्रशासन अब उनके खिलाफ गायब संचिका व सरकारी राशि को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करने के मामले में कार्रवाई की तैयारी में है. शनिवार को वीसी ने डिस्टेंस के एडवाइजरी बोर्ड की बैठक बुलायी है, जिसमें इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाये जा सकते हैं.

डिस्टेंस से बीएड समेत कई महत्वपूर्ण कोर्स, बिल्डिंग कमेटी एवं प्रशासनिक सह कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ डिस्टेंस में हुई तमाम बहाली की संचिका गायब है. इसके अलावा वित्तीय लेखा-जोखा से संबंधित संचिकाएं भी नहीं हैं. डिस्टेंस की राशि का खर्च किस-किस मद में हुआ है, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है. कर्मियों से जब पूछताछ की गयी, तो पता चला कि सभी संचिकाएं एओ खुद अपने पास रखते थे. निदेशक डॉ रामचंद्र सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है.

उन्होंने कहा कि वे ललन कुमार को बुला मौखिक रूप से सभी संचिकाओं को वापस करने के लिए कहा है. उन्होंने अपनी बहाली के अलावा बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन समेत कई महत्वपूर्ण संचिका अपने पास होने की बात स्वीकारी है. अगर वे गायब संचिका वापस नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्ती की जायेगी.
एफओ व वीसी की अनुमति बिना कटा 50 लाख का चेक
डिस्टेंस के पीएनबी खाते से निलंबित प्रशासनिक अधिकारी ललन कुमार के निजी खाता में जो 50 लाख रुपये ट्रांसफर किया गया है, इसमें कई चौंकानेवाला तथ्य सामने आया है. इसके बाद इस मामले में तत्कालीन निदेशक डॉ शिवजी सिंह व रजिस्ट्रार डॉ रत्नेश मिश्रा भी फंस सकते हैं. निलंबन के बाद इतनी मोटी रकम डिस्टेंस के अकाउंट से ललन कुमार के निजी खाता में ट्रांसफर हुआ है. विवि अधिकारी बताते हैं कि किसी भी तरह की राशि के भुगतान के लिए निदेशक, रजिस्ट्रार के साथ-साथ एफओ व वीसी की अनुमति लेना अनिवार्य हैं, लेकिन ललन कुमार के नाम 50 लाख रुपये का जो चेक कटा है, उसमें एफओ व वीसी का ऑर्डर नहीं है. यह मामला गबन का है. हालांकि, जांच के लिए कमेटी गठित की जा चुकी है. वहीं डिस्टेंस के सरकारी अकाउंट सहित ललन कुमार का निजी अकाउंट जिसमें राशि ट्रांसफर हुई है, वे सभी अकाउंट फिलहाल फ्रिज हो चुके हैं.
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