Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में नगर निगम ने शहरी क्षेत्रों में सभी प्रकार के विज्ञापनों पर शुल्क वसूली करने के लिए एक नई नीति बनाई है, जो जल्द ही लागू होने जा रही है. इस पहल का उद्देश्य विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है. बिहार सरकार ने पिछले वर्ष नगर निगम के लिए नई विज्ञापन पॉलिसी को मंजूरी दी थी, और अब नगर निकायों में इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है.
विज्ञापन शुल्क वसूली के लिए नई प्रक्रिया और एजेंसी चयन
नगर निगम द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस नीति की विस्तार से चर्चा की गई. इस बैठक में नगर आयुक्त विक्रम विरकर की अध्यक्षता में ट्रैफिक डीएसपी, रेलवे अधिकारी, और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए. इसमें यह तय किया गया कि नए वित्तीय वर्ष से नगर निगम शहरी क्षेत्रों में विज्ञापनों पर शुल्क वसूली शुरू करेगा, जिसके लिए खुली बोली प्रक्रिया के तहत एजेंसी का चयन किया जाएगा.
विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए शुल्क की प्रक्रिया
नई नियमावली के तहत अब नगर निगम के तहत आने वाले सभी क्षेत्रों में विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए संबंधित नगर निकाय से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही, हर विज्ञापन के लिए पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा, जो रजिस्ट्रेशन की तारीख से तीन साल तक मान्य रहेगा. पहले साल के बाद, प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण शुल्क देना होगा. इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों, होर्डिंग्स, वाहनों, सिनेमा हॉल और केबल टीवी पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों पर भी निगम शुल्क ले सकेगा.
खुली बोली से तय होगी एजेंसी
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए अधिक दावेदार होंगे, तो इसके लिए खुली बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी. एजेंसियों को नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन लगाने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा, और फिर वे बोली प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी. प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञापन शुल्क को लेकर निविदा प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और यह ई-प्रोक सिस्टम के माध्यम से संचालित की जाएगी.
ये भी पढ़े: पटना में रेलवे ट्रैक के पास 104 लीटर अवैध शराब बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार
सरकारी विज्ञापनों को मिलेगी छूट
सरकारी विज्ञापनों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, और इन विज्ञापनों को सीमित अवधि के लिए प्रदर्शित किया जाएगा. इसके अलावा, पथ निर्माण विभाग द्वारा लगाए गए रोड साइनेज के लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह पहल शहरी क्षेत्रों में विज्ञापनों के संचालन को अधिक नियमित और पारदर्शी बनाएगी। नगर निगम को इससे न केवल आय का एक नया स्रोत मिलेगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विज्ञापनों का प्रचार-प्रसार शहर में अनुशासित तरीके से हो.