जिले में 249 पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनायेंगी जीविका दीदी

मुहिम. पिको प्रोजेक्टर के माध्यम से दीदियां शौचालय निर्माण को करेंगी प्रेरित तीन प्रखंडों रहुई, चंडी व हरनौत में मोटिवेशन अभियान चलाने की मिली जिम्मेवारी बिहारशरीफ : जिले को खुले में शौच से मुक्त कराने की अहम जिम्मेवारी जीविका की दीदीयों को सौंपी गयी है. जिले के 20 प्रखंडों की 249 पंचायतों को खुले में […]

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मुहिम. पिको प्रोजेक्टर के माध्यम से दीदियां शौचालय निर्माण को करेंगी प्रेरित

तीन प्रखंडों रहुई, चंडी व हरनौत में मोटिवेशन अभियान चलाने की मिली जिम्मेवारी
बिहारशरीफ : जिले को खुले में शौच से मुक्त कराने की अहम जिम्मेवारी जीविका की दीदीयों को सौंपी गयी है. जिले के 20 प्रखंडों की 249 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए जीविका की दीदियां न केवल दूसरी महिलाओं को प्रेरित करेंगी, बल्कि इस संबंध संगोष्ठी, दीवार लेखन, दीवार पेंटिंग भी करेंगी. इसके अलावा पिको प्रोजेक्टर के माध्यम से महिलाओं को अपने-अपने घरों में शौचालय निर्माण को प्रेरित करेंगी. जीविका का नेटवर्क पूरे जिले में है. 45 कलस्टरों के माध्यम से करीब साढ़े तीन लाख दीदियां जीविका से जुड़ी हुई है. जिला प्रशासन ने निर्मल नालंदा बनाने के लिए जीविका की दीदियां के इस व्यापक नेटवर्क का सहयोग लिया है. पूर्व में जीविका की दीदियों ने शराबबंदी, माइक्रो फायनेंसिंग व नारी सशक्तिकरण में अहम भूमिका अदा कर चुकी है.
तीन प्रखंडों पर होगा ज्यादा जोर :शौचालय निर्माण में मोटिवेशन का कार्य जीविका की दीदियों को सौंपा गया है. उन्हें सभी 20 प्रखंडों के लिए यह जिम्मेवारी दी गयी है, मगर खासतौर से तीन प्रखंडों रहुई,चंडी व हरनौत विशेष जोर देने को जिला प्रशासन द्वारा कहा गया है. जिला प्रशासन के इस निर्देश के बाद जीविका द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है. पिको प्रोजेक्टर मंगाया जा रहा है.उम्मीद है कि दो से तीन दिनों में पिको प्रोजेक्टर उपलब्ध हो जायेगा.
हर जगह होगा सर्वे का कार्य :
जीविका की दीदियों द्वारा हर जगह सर्वे का कार्य किया जा रहा है. गांव-गांव में किन लोगों के पास पूर्व से शौचालय है और किन लोगों के पास शौचालय नहीं है, इसका आंकड़ा तैयार किया जा रहा है. जीविका समूह की सदस्यों को पहले अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने को प्रेरित किया जा रहा है. समूह की सभी महिलाओं द्वारा शौचालय निर्माण करा लिये जाने के बाद उस जीविका समूह को ओडीएफ घोषित किया जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
” निर्मल नालंदा के निर्माण में जीविका को जिला प्रशासन द्वारा अहम जिम्मेवारी दी गयी है. जीविका की दीदियों को इसके लिए लोगों को प्रेरित करना है. रहुई, चंडी व हरनौत प्रखंडों पर इसके लिए विशेष जोर देने को कहा गया है. जीविका द्वारा पूरे जिले में संगोष्ठी, दीवार लेखन, दीवार पेंटिंग किया जायेगा. पिको प्रोजेक्टर के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जायेगा. जिले में जीविका से करीब साढ़े तीन लाख दीदियां जुड़ी हैं. ये सभी अपने घरों में शौचालय बनायेगी और दूसरों को भी शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करेंगी.”
उमाशंकर भगत, डीपीएम जीविका, नालंदा
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