विशेष चिकित्सा दल करेगा नियंत्रण

सदर अस्पताल में अक्तूबर तक टीम करेगी काम खोला गया जिला नियंत्रण कक्ष बिहारशरीफ : बरसात का मौसम शुरू हो गया है. बदलते मौसम में जलजनित रोग बढ़ने की आशंका प्रबल हो जाती है. इस मौसम में खाने से लेकर पेयजल आदि पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जरा-सी लापरवाही बरती गयी तो सेहत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सदर अस्पताल में अक्तूबर तक टीम करेगी काम

खोला गया जिला नियंत्रण कक्ष
बिहारशरीफ : बरसात का मौसम शुरू हो गया है. बदलते मौसम में जलजनित रोग बढ़ने की आशंका प्रबल हो जाती है. इस मौसम में खाने से लेकर पेयजल आदि पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जरा-सी लापरवाही बरती गयी तो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बन जाती है. बरसात के समय में स्वास्थ्य के प्रति लोगों को हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है. इस समय में यदि स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं रहें तो लोग डायरिया, कै-दस्त, मलेरिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जलजनित रोगों पर नियंत्रण करने के लिए ठोस पहल की गयी है. इससे निबटने के लिए विशेष चिकित्सा दल बनाया गया है जो 24 घंटे निरंतर रूप से काम करेगा.
इमरजेंसी कक्ष में खोला गया नियंत्रण कक्ष : बाढ़-महामारी व जलजनित बीमारियों की सूचना आदान-प्रदान करने के उद्देश्य सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. सदर अस्पताल के दूरभाष नंबर 06112-236786 व जिला स्वास्थ्य समिति के दूरभाष संख्या 06112-230414 व 06112-230820 है. इस नियंत्रण कक्ष के नंबर पर जिले के किसी भाग से कोई व्यक्ति जलजनित बीमारियों की होने सूचना दे सकता है. साथ ही इससे बचाव, उपचार आदि की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है. यह नियंत्रण कक्ष चार महीनों तक निरंतर रूप से काम करेगा. यहां पर सूचना मिलने के बाद तैनात की गयी मेडिकल टीम जरूरत पड़ने पर संबंधित इलाकों में पीड़ितों की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए रवाना भी होगी.
विशेष दल सदर अस्पताल में तैनात : जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ मनोरंजन कुमार ने बताया कि बरसात के समय में होने वाली जलजनित बीमारियों से निबटने के लिए गठित जिलास्तरीय विशेष दल सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में तैनात किया गया है. इस दल ने काम करना शुरू कर दिया है. गठित विशेष चिकित्सा दल में अक्तूबर तक लगातार काम करता रहेगा. इस दल में डॉक्टर से लेकर पारा मेडिकल स्टाफ की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इस दल में कुल 21 डॉक्टर शामिल किये गये हैं. चिकित्सा दल प्रत्येक दिन तीन शिफ्टों में काम कर रहा है. हरेक शिफ्ट में एक चिकित्सा पदाधिकारी, एक पुरुष स्वास्थ्य कर्मी व एएनएम शामिल हैं. लेकिन रात्रि शिफ्ट में डॉक्टर के साथ सिर्फ दो पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गयी है.
प्रथम शिफ्ट सुबह आठ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक काम करेगा. इसी तरह हर दिन 24 घंटे टीम काम करेगी. विशेष दल में शामिल किये गये स्वास्थ्य कर्मी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार कार्य करेंगे.
क्या कहते हैं अधिकारी
जलजनित बीमारियों से निबटने के लिए विशेष चिकित्सा दल का गठन किया गया है. इस टीम ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में काम करना शुरू कर दिया है. अक्तूबर तक यह टीम काम करेगी. कई तरह की दवाएं भी टीम को उपलब्ध करायी गयी हैं. रोस्टर के अनुसार डॉक्टर व कर्मी काम कर रहे हैं.
डॉ शैलेंद्र कुमार, एसीएमओ, नालंदा
बनाया गया रोस्टर चार्ट
विशेष चिकित्सा दल के लिए रोस्टर चार्ट बनाया गया है. इसी चार्ट के मुताबिक दल के चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर स्वास्थ्य कर्मी हर शिफ्ट में काम करेंगे. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि रोस्टर के अनुसार कर्मियों की उपस्थिति हर दिन सुनिश्चित करेंगे. कार्यों में किसी तरह की कोताही तैनात कर्मी नहीं बरते, इस पर पैनी नजर रखेंगे.
कोताही बरतने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाये. चिकित्सा दल को कई तरह की आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध करायी गयी हैं. जरूरतमंद लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर आवश्यक दवा उपलब्ध करायेंगे.
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