अज्ञात शवों का डंपिंग जोन बनता जा रहा जहानाबाद

जहानाबाद : जिले में इस साल ऐसी कई घटना हुई हैं जिनमें विभिन्न थाना क्षेत्रों के सुनसान इलाकों में अज्ञात शवों को हत्या कर फेंक दिया गया और अभी तक इनमें से किसी की शिनाख्त लाख कोशिशों के बावजूद पुलिस द्वारा नहीं हुई है. पिछले छह महीने में आधा दर्जन अज्ञात शव बरामद किया जा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

जहानाबाद : जिले में इस साल ऐसी कई घटना हुई हैं जिनमें विभिन्न थाना क्षेत्रों के सुनसान इलाकों में अज्ञात शवों को हत्या कर फेंक दिया गया और अभी तक इनमें से किसी की शिनाख्त लाख कोशिशों के बावजूद पुलिस द्वारा नहीं हुई है. पिछले छह महीने में आधा दर्जन अज्ञात शव बरामद किया जा चुके हैं.

हालांकि हर घटना के बाद पुलिस अनुसंधान और शिनाख्त के हर तरीके अपनाती है. मोबाइल लोकेशन से लेकर फोरिंसिक जांच सहित कई अत्याधुनिक तरीकों का प्रयोग जिले के पुलिस द्वारा किया जाता है लेकिन इन मामलों में किसी नतीजे पर पुलिस अब तक नहीं पहुंच पायी है.
इन मामलों में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये शव जिले के या आसपास के इलाके के लोगों के नहीं होने के आसार हैं क्योंकि अगर होता तो कोई न कोई पहचान करता और दावेदार सामने आता. ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या जहानाबाद जिला बाहरी हत्यारों के लिए शवों को ठिकाने लगाने का पसंदीदा स्थान बनते जा रहा है, आखिर ऐसा क्यों है कि हत्या कहीं और कर लाश को जिले के विभिन्न इलाकों में फेंका जाता है.
अज्ञात शवों के फेंके जाने की घटना
1 जुलाई. शकुराबाद थाना क्षेत्र का कांड संख्या 136/19 अब तक के बहुचर्चित अनसुलझे केसों में से एक है. थाना क्षेत्र के झरखा गांव के बधार में एक युवती की सिर कटी लाश बरामद हुई थी. जिसमें हत्यारों ने बड़ी बेरहमी से हत्या कर युवती के सिर को अपने साथ लेकर चले गये और पीछे छुटे धड़ की पहचान करने के हर संभव उपाय पुलिस ने किये लेकिन अभी तक कोई सुराग उस युवती के पहचान का पुलिस के पास नहीं है.
13 जुलाई. भेलावर ओपी क्षेत्र के बढ़ौना गांव के बगीचे में एक अधेड़ की सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी. देखने से प्रतीत हो रहा था कि कई दिन पहले इसकी हत्या कर दबी लाश को फिर से निकालकर जिले के उक्त गांव के बगीचे में फेंक दिया गया था. अभी तक पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है.
17 जुलाई. टेहटा ओपी क्षेत्र के सूपीगढ़ के समीप एक विकलांग व्यक्ति की लाश बरामद की गयी थी. जिसकी पहचान लाख कोशिशों के बाद भी नहीं हो पायी थी.
3 अक्टूबर. घोसी थाना क्षेत्र के सरमा एवं सिसरा गांव के बीच फल्गू नदी के तटबंध के पास हत्या करके फेंकी गयी एक अज्ञात महिला की लाश बरामद की गयी थी जिसके पास एक-डेढ़ साल की बच्ची भी रोते हुए मिली थी जिसको चाइल्ड केयर में रखा गया. वहीं उक्त महिला की पहचान नहीं हो पायी थी.
फल्गु नदी से भी मिली थी लाश : टाउन थाना के ऊंटा इलाके और मखदुमपुर के पर्यटक थाना बराबर के अंतर्गत भी अज्ञात शवों की शिनाख्त नहीं होने के मामले हैं.
विशुनगंज ओपी क्षेत्र में फल्गू नदी के किनारे महीनों पूर्व एक महिला की अज्ञात लाश बरामद हुई थी.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
अज्ञात शवों के जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिलने की कुछ घटनाएं घटी हैं. ऐसे सबूत हैं कि ये शव जिले से बाहर के लोगों के हैं क्योंकि काफी कोशिशों के बाद भी कोई पहचानकर्ता या ठोस सुराग सामने नहीं आये. पुलिस द्वारा ऐसे मामलों को सीआइडी को सौंप दिया गया है. वहीं बिहार और राज्य के बाहर की पुलिस को भी इन लाशों के बारे में जानकारी भेजी गयी है. पुलिस अभी भी अनुसंधान जारी रखी हुई है.
प्रभात भूषण श्रीवास्तव, एसडीपीओ, जहानाबाद
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