बिहारशरीफ (नालंदा) : कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत में शुक्रवार को सुखाड़ से निबटने के लिए किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण का आयोजन नेशनल फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन एवं केवीके, हरनौत द्वारा किया गया. उद्घाटन नेशनल फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन के स्टेट मैनेजर बीके श्रीवास्तव एवं केवीके के कार्यक्रम समन्वय डॉ संजीव कुमार ने किया. स्टेट मैनेजर श्री श्रीवास्तव ने जिले के किसानों से सुखाड़ के मद्देनजर वैकल्पिक खेती करने पर जोर देते हुए कहा कि आपको तय करना है कि इस स्थिति में कौन-सी खेती करें, जिससे सुखाड़ की पैदा हुई स्थिति में कम से कम नुकसान हो. उन्होंने कहा कि नालंदा में अभी लगभग 50 फीसदी धान की रोपनी हुई है. पूरे अगस्त माह तक यही स्थिति रही तो किसान वैकल्पिक फसल लगा सकते हैं. केंद्र के वैज्ञानिक डॉ बीके सिंह ने किसानों को फसल प्रबंधन की तकनीक की जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिक डॉ उमेश नारायण ने किसानों को पोषक तत्व प्रबंधन पर विस्तार से बताया. फसल में किसान कब और कैसे उर्वरकों का प्रयोग किस मात्रा में करें, ब्लू ग्रीन अल्गाई के माध्यम से किसान कैसे धान की फसल का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, इसकी भी जानकारी दी. केवीके, हरनौत के कार्यक्रम समन्वयक डॉ संजीव कुमार ने किसानों को रबी फसल की तैयारी करने के टिप्स बताये. इस प्रशिक्षण में जिले के 100 प्रगतिशील किसान शरीक हुए. इस मौके पर केवीके, हरनौत की डॉ संगीता कुमारी, डॉ बीके सिंह, डॉ आनंद कुमार आनंद, डॉ एनके सिंह, पूनम पल्लवी, फॉर्म मैनेजर मुकेश कुमार, नेशनल फर्टिलाइजर के क्षेत्रीय मैनेजर बैठा जी सहित जिले के डीलर भी मौजूद थे.
सुखाड़ से निबटने के गुर बताये
बिहारशरीफ (नालंदा) : कृषि विज्ञान केंद्र, हरनौत में शुक्रवार को सुखाड़ से निबटने के लिए किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण का आयोजन नेशनल फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन एवं केवीके, हरनौत द्वारा किया गया. उद्घाटन नेशनल फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन के स्टेट मैनेजर बीके श्रीवास्तव एवं केवीके के कार्यक्रम समन्वय डॉ संजीव कुमार ने किया. स्टेट मैनेजर श्री […]
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