एक साल में 15 लोगों को कर सकता है संक्रमित
एमडीआर के मरीजों पर कर्मी रखें नजर
बिहारशरीफ : टीबी के एमडीआर मरीजों पर कर्मी अपनी पैनी नजर रखें. जिले के डीएमसी केंद्रों पर आने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाय. संबंधित मरीजों के बलगम जांच समय पर की जाय. ताकी बीमारी की पुष्टि होने पर उसका तुरंत उपचार शुरू किया जा सके. जिले के हर पीएचसी के डीएमसी पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है.
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि यदि टीबी मरीज का समय पर इलाज शुरू नहीं किया गया तो संबंधित टीबी के मरीज एक साल के दौरान पास में रहने वाले 15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है. अतएव जिन लोगों में दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी हो तो वैसे लोग डीएमसी पर जाकर बलगम की जांच अवश्य करायें. हर डीएमसी में बलगम जांच की सुविधा
जिले के डीएमसी केन्द्रों पर टीबी के मरीजों के बलगम जांच से लेकर इलाज की भी सुविधा उपलब्ध है. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने बताया कि एसटीएस को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में परिभ्रमण कर टीबी के संदिग्ध मरीजों की पहचान करें. यदि संदिग्ध मरीजों की पहचान होती है तो उसे बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिला यक्ष्मा केन्द्र में रेफर करें. जिला यक्ष्मा केन्द्र में इसकी जांच की मुकम्मल व्यवस्था है. यहां पर सीबीनैट से स्पूटम की जांच की जाती है.
सीबीनैट से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर संबंधित रोगियों का इलाज किया जाता है. टीबी के मरीजों को चिंहित करने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र ने ठोस व्यवस्था की है. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जाएं और वैसे लोगों की पहचान करें
जिन्हें दो या इससे अधिक सप्ताह से खांसी हो तो उसे संदिग्ध मरीज के रूप में शामिल करें और उसके बलगम जांच कराना सुनिश्चित करायें. डॉ कुमार ने बताया कि आशा को हिदायत दी गयी है कि क्षेत्र परिभ्रमण के दौरान इस बात पर ध्यान दें कि टीबी के मरीज नियमित रूप से दवा का सेवन कर रहे हैं या की नहीं.
जनता को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं: सुनील