ट्रीटमेंट पंजी में पायी गयी त्रुटि

बिहारशरीफ : जिला यक्ष्मा पदाधिकारी (डीटीओ) ने बुधवार को कतरीसराय पीएचसी व एडिशनल पीएचसी पावापुरी का औचक निरीक्षण किया. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कुमार ने पावापुरी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीएमसी में कार्यरत टीबी कर्मचारी को कई दिशा निर्देश दिये. उन्होंने ट्रीटमेंट पंजी की भी जांच की. जांच के दौरान डीएमसी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2016 4:16 AM

बिहारशरीफ : जिला यक्ष्मा पदाधिकारी (डीटीओ) ने बुधवार को कतरीसराय पीएचसी व एडिशनल पीएचसी पावापुरी का औचक निरीक्षण किया. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कुमार ने पावापुरी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीएमसी में कार्यरत टीबी कर्मचारी को कई दिशा निर्देश दिये. उन्होंने ट्रीटमेंट पंजी की भी जांच की. जांच के दौरान डीएमसी की ट्रीटमेंट पंजी में कई तरह की त्रुटियां पायीं. इस पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कुमार ने डीएमसी के कर्मी को कड़ी फटकार लगायी. साथ ही कार्य में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी.

डीटीओ डॉ कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान डीएमसी की ट्रीटमेंट रोगी पंजी में मरीज का टीबी नंबर नहीं चढ़ा हुआ पाया. साथ ही रोगी ट्रीटमेंट पंजी में रोगियों का मोबाइल या संपर्क नंबर नहीं अंकित पाया. इस मामले को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए डीएमसी के कर्मी को फटकार लगायी. कर्मी को सख्त निर्देश दिया कि भविष्य में इसकी हरगिज पुनर्रावृत्ति नहीं होनी चाहिए. डीएमसी में आने वाले यक्ष्मा के मरीजों के बलगम जांच के साथ-साथ उसका संपर्क नंबर जरूरी अंकित रहना चाहिए. ताकी जरूरत पड़ने पर संबंधित मरीज से सहज रूप से संपर्क किया जा सके. डॉ कुमार ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य टीबी मरीजों को इलाज के दौरान डिफॉल्टर होने से बचाने का है.
साथ ही सीबीनैट मशीन की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी. ट्रिप्कल टीबी के मरीजों को सीबीनैट से बलगम जांच कराने को कहा. ताकी पता चल सके कि संबंधित टीबी के संदिग्ध मरीजों में टीबी की जीवाणु की स्थिति क्या है.
मरीजों को डिफॉल्टर होने से बचाये
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कुमार ने इसके बाद कतरीसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया. इस दौरान इस अस्पताल में संचालित डीएमसी का भी जायजा लिया.जायजा लेने के बाद उन्होंने डीएमसी के कर्मी को टीबी से बचाव के बारे में कई दिशा निर्देश दिये. साथ ही टीबी के मरीजों को नियमित रूप से दवा उपलब्ध कराने को कहा. ताकि मरीज किसी भी सूरत में डि‌फॉल्टर नहीं हो पाये. इस बात पर पूरी तरह से नजर रहनी चाहिए.
टीबी के संदिग्ध मरीजों पर रखें कड़ी नजर
साथ ही अस्पताल के अन्य कर्मियों व एएनएम को भी टीबी व लेप्रोसी के बारे में विस्तृत जानकारी दी. संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने को कहा. साथ ही टीबी व लेप्रोसी के लक्षण प्रतीत होने पर इसकी चिकित्सीय जांच कराने के लिए मरीजों को उत्प्रेरित करने को कहा. साथ ही एमडीआर के मरीजों पर सख्ती से नजर रखने को कहा. एमडीआर के मरीज का समय पर इलाज नहीं होने पर आसपास के स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है. अतएव एमडीआर के मरीज यदि चिंहित होते हैं तो उसका अविलंब बलगम जांच सीबीनैट से कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. जिला यक्ष्मा केंद्र में सीबीनैट लगी हुई है.
कार्य में सुधार लाने की दी हिदायत
डीटीओ ने कतरीसराय व पावापुरी अस्पतालों का किया निरीक्षण