खरूआरा गोदाम से आठ करोड़ रुपये का चावल घोटाला
जांच के बाद हुआ खुलासा, एफआइआर दर्जप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग के सदस्यUPS: पुरानी पेंशन […]
जांच के बाद हुआ खुलासा, एफआइआर दर्ज
बिहारशरीफ : हरनौत के खरूआरा गोदाम में क्षमता से अधिक चावल का स्टॉक दिखा दिया गया. जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि इस गोदाम से आठ करोड़ रुपये के चावल का घोटाला किया गया है. गोदाम की क्षमता 16 हजार टन ही है, पर कागज पर 88 हजार टन दिखा दिया गया है. पहले डीएसपी ने इस मामले की जांच की.
बाद में राज्य खाद्य निगम के निदेशक के आदेश पर एसपी कुमार आशीष ने पूरे प्रकरण की जांच की. निदेशक के आदेश में कहा गया था कि डीएमएफसी की भूमिका की जांच की जाये. एसपी कुमार आशीष ने बताया कि जब जांच की गयी तो पता चला कि कर्मी और विभाग के पूर्व डीएमएफसी की मिलीभगत से आठ करोड़ रुपये के चावल का घोटाला किया गया है. जांच के बाद पूर्व डीएमएफसी मनोज कुमार सिन्हा व तत्कालीन डीएमएफसी परवेज पर भी एफआइआर की गयी है.
उन्होंने बताया कि तत्कालीन डीएमएफसी ने बचने के लिए मिलर रंजीत पर केस किया था. उनका कहना था कि मिलर ने चावल दिया ही नहीं. कागज देखने और लोगों की गवाही के बाद यह सही नहीं पाया गया. एसपी ने बताया कि दोषी अफसरों की गिरफ्तारी के लिए टीम छापेमारी कर रही है. जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.