डॉक्टर की हत्या करने के आरोपितों ने किया सरेंडर

23 जून को डॉक्टर को मारी गयी थी गोली सिरदला : चर्चित चिकित्सक मुनेशर यादव उर्फ मुनि हत्याकांड के मुख्य आरोपित वीरेंद्र यादव अपने दो सहयोगियों राजू यादव व बलेशर यादव के साथ बुधवार को नवादा व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. मुनेशर यादव की हत्या के करीब 81 दिनों तक पुलिस सिर्फ हत्यारोपितों के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 14, 2017 10:17 AM
23 जून को डॉक्टर को मारी गयी थी गोली
सिरदला : चर्चित चिकित्सक मुनेशर यादव उर्फ मुनि हत्याकांड के मुख्य आरोपित वीरेंद्र यादव अपने दो सहयोगियों राजू यादव व बलेशर यादव के साथ बुधवार को नवादा व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. मुनेशर यादव की हत्या के करीब 81 दिनों तक पुलिस सिर्फ हत्यारोपितों के आत्मसमर्पण करने का इंतजार करने की भूमिका में ही नजर आयी. अब तक सिरदला पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
हत्या के मुख्य आरोपित कठौतिया केवाल गांव निवासी कामेशर यादव की गिरफ्तारी गुरपा से उस समय की गयी थी जब वह लोहार के पास कुदाल बनवाने आया हुआ था. सिरदला के बुद्धिजीवियों का मानना है कि वर्तमान समय में सिरदला में हत्या, फसल लूट, दुकान में चोरी, मारपीट, अपहरण और धमकी देने के मामले में नामजद अभियुक्तों का खुलेआम घूमना कोई नयी बात नहीं है.
यहां के पुलिस पदाधिकारी के द्वारा जिसको गिरफ्तार करना चाहिए वैसे अभियुक्तों के साथ बाजार में बैठ कर चाय का मजा लेते हैं. गौरतलब है कि 23 जून की देर शाम खरौंध स्टेशन के समीप ठेकाही मोड़ पर ग्रामीण चिकित्सक मुनेश्वर प्रसाद उर्फ मुनि यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. मृतक के पिता राम प्रसाद यादव ने सिरदला थाने में अपने पुत्र की गोली मारकर हत्या कर देने के आरोप में गया जिले के फतेहपुर थाना अंतर्गत कठौतिया केवाल गांव के कामेशर यादव सहित आठ पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी़
प्राथमिकी दर्ज कराने वक़्त उन्होंने बताया था कि चार पांच वर्षों से केवाल गांव में आठ कट्ठे जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसको लेकर आरोपितों के द्वारा पूर्व में भी कई बार जान मारने की धमकी दी गयी थी. 23 जून की रात वीरेंद्र प्रसाद अपने दो सहयोगियों के साथ बाइक पर सवार होकर ठेकाही मोड़ पर आया और मुनि यादव के सिर में गोली मार दी़
इससे मुनि प्रसाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. बताया जाता है कि घटना के वक्त मुनि प्रसाद अपने क्लिनिक के बाहर कुर्सी पर बैठ कर अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहे थे. हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए पटना से फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच कर नमूना का संग्रह भी किया था.