ज्ञान की रोशनी बांटनेवाली गली से दूर नहीं हो सका रात का अंधेरा

नवादा : यह इलाका जिला मुख्यालय का बड़ा एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है. यहीं पर जिले का एकमात्र महिला कॉलेज आरएमडब्ल्यू स्थित है. पूरे दिन यहां पढ़नेवाले बच्चों की जमघट लगी रहती है. यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहता है. पर, शाम ढलने के बाद नगर पर्षद के वार्ड नौ में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 30, 2018 6:46 AM

नवादा : यह इलाका जिला मुख्यालय का बड़ा एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है. यहीं पर जिले का एकमात्र महिला कॉलेज आरएमडब्ल्यू स्थित है. पूरे दिन यहां पढ़नेवाले बच्चों की जमघट लगी रहती है. यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहता है. पर, शाम ढलने के बाद नगर पर्षद के वार्ड नौ में अंधेरे का साम्राज्य कायम हो जाता है. कॉलेज रोड से लेकर कलाली रोड सहित फूल मंडी व गढ़ पर जानेवाली गली आदि क्षेत्रों में खड़े बिजली के पोल पर बल्ब दिखायी नहीं पड़ते हैं. वार्ड की कई गलियों में अगर रोशनी है, तो इसे पार्षद की मेहरबानी बतायी जाती है.

वार्ड पार्षद को इस ओर ध्यान देना चाहिए
हमारे ही वार्ड में ऑफिसर कॉलोनी है. जहां जिले के बड़े हकीम लोग रहते हैं. यहां रोशनी की रोशनी का समुचित प्रबंध है. पर इनके पीछे का हिस्सा जहां आम नागरिक रहते हैं बस अंधेरा ही अंधेरा. वार्ड पार्षद को इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है.
रौनक शर्मा, स्थानीय निवासी
सुलेटन बाबू गली में रोशनी की जरूरत
सुलेटन बाबू गली में अंधेरा पसरा रहता है. यह व्यस्त गली है. अंधेरा होने से छिनतई की घटनाएं होने की संभावनाएं रहती हैं. इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हुई है. लिहाजा आम लोगों को रोशनी की जरूरत है. इसके होकर दूसरे मुहल्ले भी लोग जाते हैं.
प्रो राजन कुमार, व्याख्याता
दिन भर छात्र-छात्राओं का रहता है आना-जाना
कोचिंग हब होने के कारण देर शाम तक बच्चे यहां रहते हैं. इस दौरान खासकर लड़कियों को भारी परेशानी होती है. कॉलेज के इर्द-गिर्द पूरी तरह से बल्ब की जरूरत महसूस की जाती है. वार्ड पार्षद को इसके लिए पहल करने की जरूरत है.
गोवर्धन प्रसाद, टाइपिंग इंस्टीट्यूट संचालक
तमाम गलियों में शाम को छा जाता है अंधेरा
मुहल्ले में कई छोटी-छोटी गलियां हैं. इनमें शाम होने के साथ ही घुप अंधेरा पसर जाता है. इसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है. नगर पर्षद को अपने स्तर से बल्ब की व्यवस्था करनी चाहिए. आज ही हम लोगों की जरूरत बन गयी है.
अमित कुमार, स्थानीय निवासी
पूरी तरह से शहरी इलाका है वार्ड नौ
वार्ड नंबर नौ पूरी तरह से शहरी इलाका है.एक तरफ पुरानी कचहरी रोड जानेवाली सड़क है, तो दूसरी तरफ गढ़ पर जाने वाली सड़क से एनएच 31 पहुंचा जाता है. देर रात तक भी इस सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी रहती है. पर यहां खड़े पोल पर बल्ब नहीं होने का असर आम नागरिक की गतिविधियों पर पड़ता है.दिन भर, तो लोग इस गली से गुजरते हैं, पर रात होते ही लोग इस रास्ते से गुजरने में परहेज करने लगते हैं.