जमालपुर एसपी ने बैरक व्यवस्थित करने का दिया निर्देश

नवादा : किऊल-गया रेलखंड पर नवादा स्टेशन के रेलवे पुलिस पिकेट को अब रेल थाना बनने का रास्ता साफ हो गया है. अंग्रेजों के जमाने से बने इस रेलखंड का नवादा रेलवे पुलिस पिकेट के निर्माण को लेकर बिहार औद्योगिकीकरण से ही थाने का निर्माण किया जाना है. इसके लिए रेल पुलिस को नयी बिल्डिंग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

नवादा : किऊल-गया रेलखंड पर नवादा स्टेशन के रेलवे पुलिस पिकेट को अब रेल थाना बनने का रास्ता साफ हो गया है. अंग्रेजों के जमाने से बने इस रेलखंड का नवादा रेलवे पुलिस पिकेट के निर्माण को लेकर बिहार औद्योगिकीकरण से ही थाने का निर्माण किया जाना है. इसके लिए रेल पुलिस को नयी बिल्डिंग बनाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है. नवादा डीएम द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी निर्गत किया जा चुका है. ये बातें जमालपुर रेल एसपी आमिर जावेद ने शनिवार को नवादा रेल पीपी का निरीक्षण के दौरान कहीं. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने थानाध्यक्ष हेमंत कुमार को रेलयात्रियों को सुरक्षा देने में पहली प्राथमिकता का बोध कराया.

एसपी ने लंबित मामलों का निष्पादन त्वरित गति से करने का आदेश दिया. इस दौरान एसपी ने पुलिस बैरक का भी निरीक्षण किया. निरीक्षण में एसपी ने बैरक को व्यवस्थित करने का निर्देश थानाध्यक्ष को दिया. एसपी ने बताया कि वर्तमान में नवादा रेल पुलिस पिकेट का संचालन किऊल थाने के द्वारा हो रहा है. रेलवे का जैसे-जैसे विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे रेल थानों का भी विस्तार किया जा रहा है. गौरतलब हो कि नवादा रेल थाना में लगायी गयी तख्ती इस बात का प्रमाण दे रही है कि वर्ष 1959 में पटना रेल जिला अंतर्गत गया रेल थाना के अधीनस्थ संचालित हुआ करता था. लेकिन, बिहार सरकार के गृह आरक्षी विभाग के अधिसूचना संख्या 8799 के अनुसार 10 सितंबर 2003 को नवादा रेल पुलिस पिकेट को किऊल थाना के क्षेत्राधिकार में मिला दिया गया,

जिसका रेल जिला जमालपुर हो गया. उन दिनों आरक्षी महानिरीक्षक रेलवे बिहार पटना के कार्यालय के ज्ञापांक- 689, दिनांक 13 सितंबर 2003 व रेल आरक्षी अधीक्षक जमालपुर के ज्ञापांक- 779, दिनांक आठ नवंबर 2003 के माध्यम से नवादा रेल पुलिस पिकेट को किऊल थाने के अधीनस्थ कर किया गया था.

रेलवे में जीआरपी की बहाली राज्य सरकार के द्वारा ली जाती है़ जीआरपी का अर्थ राजकीय रेल पुलिस होता है. इसमें बिहार सरकार के द्वारा पुलिस नियुक्ति की जाती है. रेलवे का राज्य के जिस इलाके से ट्रैक गुजरती है, उसके लिए राज्य सरकार की जीआरपी पुलिस ही देख-रेख करती है. वैसे रेल मंत्रालय का अपना पुलिस आरपीएफ होता है.
काशीचक से मानपुर आउटर सिग्नल तक है क्षेत्र
नवादा रेल पुलिस पिकेट थाना का क्षेत्र काशीचक से मानपुर आउटर सिग्नल तक है. रेल थाना बनाने के पूर्व रेल पुलिस पिकेट के अंतर्गत पड़नेवाले क्षेत्रों का सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. इसमें रेलवे से सटे गांवों की लिस्ट तथा मैप तैयार की जा चुकी है. वर्तमान में रेल पुलिस पिकेट के इलाके में कितने गांव हैं, इसकी सूची बनाने का काम पूर्ण हो चुका है. रेल थाना बनने के लिए अपना रेल भवन की जरूरत है जिसकी स्वीकृति रेलवे ने दे दी है. एक नंबर प्लेटफाॅर्म से सटे रेल पुलिस का अपना बड़ा सा भवन बनाया जायेगा, जहां थाना का कार्यालय भी चलेगा.
अधिकारियों-कर्मचारियों की बढ़ेगी संख्या
रेल थाना बनने के बाद यहां सुविधाओं और पुलिस पदाधिकारियों की संख्या भी बढ़ जायेगी. रेल थाना बनने पर यहां एक रेल इंस्पेक्टर भी नियुक्त होंगे. इसके अलावा कम से कम आठ सब इंस्पेक्टर, 15 हवलदार तथा 50 सिपाही सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.वर्तमान में नवादा स्टेशन पर रेल पुलिस पिकेट के लिए दो सब इंस्पेक्टर, पांच हवलदार, नौ सिपाही, दो पीटीसी तथा एक डीपीसी ही उपलब्ध है. इसके अलावा अपनी एक जीप और बाइक है. साथ ही रहने के लिए एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर प्रतीक्षालय ही सहारा है तथा रेल पुलिस पिकेट का कार्यालय अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ लकड़ी का भवन है.
पिछले दिनों दानापुर मंडल के डीआरएम द्वारा किये गये दौरे के क्रम में उन्होंने रेल पुलिस पिकेट का जायजा भी लिया था. उसके बाद से ही रेल पुलिस पिकेट का कायाकल्प होना शुरू हो गया. किऊल-गया रेलखंड का विस्तार रेल लाइन दोहरीकरण व विद्युतीकरण की वजह से भी नवादा स्टेशन का तेजी से जीर्णोद्धार हो रहा है. इसमें रेल अधिकारियों के अलावा रेल थाना भी शामिल है. नवादा जिला मुख्यालय में स्टेशन रहने के कारण इस पर रेलवे का विशेष ध्यान है. यहां रेल परिसर में पार्किंग की सुविधाएं भी शुरू कर दी गयी हैं. वहीं रेलवे के अन्य कई विकास कार्य प्रगति पर है. इस स्टेशन से गुजरनेवाले यात्रियों को रेल थाना बनने के बाद सुरक्षा का काफी व्यवस्था मुहैया होने लगेगी.
जीएसटी की बारीिकयां जानें, दूर होगी समस्या
कांवरियों की सेवा में नहीं रहेगी कोई कमी
नवादा जिला
छह से शुरू हो जायेगी सेविका सहायिकाओं की बहाली प्रक्रिया
ले में रिक्त पदों की स्थिति
प्रखंड केंद्र की संख्या रिक्त सीटें (सेविका) रिक्त सीटें (सहाियका)
नवादा सदर 30 18 16
वारिसलीगंज 27 18 22
हिसुआ 24 20 18
पकरीबरावां 68 57 47
कौआकोल 31 26 26
काशीचक 06 03 03
नारदीगंज 50 45 43
रजौली 42 36 38
सिरदला 26 20 18
अकबरपुर 98 77 78
गोविन्दपु 10 04 08
नरहट 19 14 0 5
रोह 41 36 37
मेसकौर 17 12 08
कुल 489 386 367
महत्वपूर्ण बातें
जिले में कुल आंगनबाड़ी केंद्र : 2046
कुल मिनी आंगनबाड़ी केंद्र : 197
कार्यरत लेडिज सुपरवाइजर : 44
प्रमुख व उपप्रमुख की कुर्सी बची
नौ पंचायत समिति सदस्यों ने दिया था आवेदन
बता दें कि प्रमुख व उपप्रमुख के विरुद्ध 18 जुलाई को नौ पंचायत समिति सदस्यों ने अपना हस्ताक्षर कर विशेष बैठक बुलाने के लिए तिथि निर्धारित करने की मांग किया था. पंचायत समिति सदस्यो में मंजू देवी,संगीता देवी,गुडडु देवी,सामो देवी,मो आलम अंसारी,प्रर्मिला देवी,कुसुम देवी,सुनील राजवंशी के अलावे संजीव कुमार ने प्रमुख व उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग किया था.बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी ने 23 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव के लिए तिथि निर्धारित करने के लिए प्रमुख व उपप्रमुख को पत्र भेजा गया था.
उनके पत्र के आलोक में प्रमुख व उपप्रमुख ने अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक व मतविभाजन के लिए 4 अगस्त को तिथि निर्धारित किया था.प्रमुख व उपप्रमुख की कुर्सी बरकरार की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. मौके पर जेएसएस दिनेश कुमार,बीएओ मो0 नौशाद अहमद,बीपीआरओ उमेश कुमार आदि मौजूद थे.
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