नवादा जिले के किसान की बेटी रंजना बनीं दारोगा

नवादा : पहली के प्रयास में एक छोटे किसान की की बेटी रंजना वर्मा ने दारोगा की परीक्षा पास कर अपने गांव फरहा का नाम रोशन किया है. नवादा-रजौली एनएच-31 पर स्थित फरहा के क्षत्रीय नगर निवासी किसान सुरेश प्रसाद की चौथी पुत्री रंजना वर्मा की 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 14, 2019 1:35 AM

नवादा : पहली के प्रयास में एक छोटे किसान की की बेटी रंजना वर्मा ने दारोगा की परीक्षा पास कर अपने गांव फरहा का नाम रोशन किया है. नवादा-रजौली एनएच-31 पर स्थित फरहा के क्षत्रीय नगर निवासी किसान सुरेश प्रसाद की चौथी पुत्री रंजना वर्मा की 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय रेवार नवादा से हुई है. ग्रेजुएशन की पढ़ाई 2009 में पॉलिटिकल साइंस पटना वुमेन कॉलेज से किया है.

रंजना ने अपना पीजी की पढ़ाई वर्ष 2011 में पॉलिटिकल साइंस पटना यूनिवर्सिटी से की है. रंजना ने दिल्ली में अपने भाई और बहन के साथ में ही रहकर सिविल सर्विसेज कंपटीशन परीक्षा की तैयारी करती थी. इसकी दो बहनें व चार भाई हैं.
वे सुरेश प्रसाद की चौथी पुत्री है. उन्होंने बताया कि विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए मेरे पिता ने हम भाई-बहनों को पढ़ने के लिए दिल्ली भेजा. उन्होंने कहा- पिता की आर्थिक आय सीमित थी.
हमलोग दिल्ली में रहकर काफी संघर्ष कर शिक्षा अर्जित किया. आर्थिक आय के लिए मेरी छोटी बहन सुप्रिया वर्मा ने दिल्ली में ट्यूशन पढ़ा कर हमें पढ़ने में मदद किया. दिल्ली जैसे शहर में रहकर पढ़ना जब ज्यादा कठिन होने लगा, पैसे की आवश्यकता बढ़ने लगी तो वह खुद ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया.
उन्होंने कहा मैं अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने किसान पिता व पूरा परिवार को देती हूं. उन्होंने कहा मेरा परिवार मेरी पढ़ाई के लिए क्षमता से अधिक मेहनत कर हमारा हौसला आफजायी कर नौकरी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया.
दारोगा बनने पर लोगों ने दी बधाई : हिसुआ के उड़सा गांव का एक बेटा राजीव कुमार दारोगा बना है. पटना से लौटने पर घर और मुहल्ले में उत्सव का माहौल है. लोग बधाइयां दे रहे हैं.
गांव के दिलीप सिंह और गायत्री देवी का पुत्र राजीव बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहा और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की. राजीव इंटर विद्यालय हिसुआ से 85 फीसदी अंक के साथ मैट्रिक, टीएस कॉलेज से 87 फीसदी अंक से इंटर और बंगलौर से बीटेक किया है.
बीटेक में भी उसने 67 फीसदी अंक हासिल किया था. हिसुआ और पटना में रह कर पढ़ाई की. दादा जानकी सिंह किसानी करते थे. किसान दादा ने अपने बेटे दिलीप सिंह को भी पुलिस बनाया. दिलीप सिंह फिलवक्त बिहार पुलिस में गया में एसआइ हैं. राजीव दारोगा बन घर को एक और पुलिस मैन दिया है.
राजीव मुहल्ले में सरल और अनुशासित व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है. अपने लक्ष्य और दैनिक कार्य के अलावा अन्य बातों में कम रुचि रखता है. क्रिकेट खेल में रुचि थी.
हिसुआ उपप्रमुख व गांव निवासी धर्मवीर उर्फ पुकार सिंह, ग्रामीण दिनेश सिंह, उमेश सिंह, बबलु कुमार, टिंकु कुमार, नारद सिंह, पूर्व मुखिया सुरेंद्र सिंह, रामाधीन सिंह, गुड्डु कुमार आदि बधाई दे रहे हैं.राजीव पुलिस बन जरूरतमंदों की सेवा और अराजकता दूर करने के प्रयास की बातें कहते हैं.