ठेकेदारी प्रथा का विरोध करेंगे सफाईकर्मी

नवादा : नगर पर्षद के सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की गारंटी देने सहित अन्य आठ सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मियों का धरना मंगलवार को हुआ. समाहरणालय के निकट हुए धरना में नगर निकायों में आउट सोर्सिंग की प्रथा समाप्त करने, पिछले पांच महिनों से वेतन नहीं मिलने सहित अन्य मांगों लेकर नगर पर्षद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 17, 2019 8:50 AM

नवादा : नगर पर्षद के सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की गारंटी देने सहित अन्य आठ सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मियों का धरना मंगलवार को हुआ. समाहरणालय के निकट हुए धरना में नगर निकायों में आउट सोर्सिंग की प्रथा समाप्त करने, पिछले पांच महिनों से वेतन नहीं मिलने सहित अन्य मांगों लेकर नगर पर्षद के खिलाफ नगर पर्षद में कार्यरत सफाई कर्मियों ने आंदोलन शुरू किया है. वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों के परिवारों के सामने भूखे मरने की स्थिति है.

वेतन विसंगति को दूर करने मांग हुए नगर पर्षद से सफाईकर्मियों ने उनका हक देने की बात कही. सफाईकर्मियों ने कहा कि ठेकेदारी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी.
पुरानी चतुर्थवर्गीय पदों को बरकरार रखते हुए आबादी के अनुसार अतिरिक्त चतुर्थवर्गीय पदों को सृजन करने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का आदेश प्रदान करने, वर्षों से कार्यरत संविदा व दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मियो को ईपीएफ व ईसीआई लागू करने समेत 12 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया.
धरना देकर जताया विरोध
धरना की अध्यक्षता राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के जिला प्रभारी भोला राम ने किया. भोला राम ने कहा कि नीतीश-मोदी सरकार की नीति मजदूर विरोधी व कॉरपोरेट परस्त है. श्रम कानून में संशोधन कर मजदूरों को ठेकेदारों के हवाले कर दिया गया है, जो मजदूर विरोधी है.
इस धरना में कार्यकर्ताओं ने कहा कि 30 जुलाई को मुख्यमंत्री का घेराव तथा 20 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किया जायेगा. इस धरना में गोपाल दास, अरविंद दास, रामभजु दास, द्वारिका दास, विद्दया देव, बिगन दास, लखन दास, रामजी, बौधु दास, भोला दास व सीको दास समेत सभी मजदूर उपस्थित थे.