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ईंट-पत्थर रख देर रात से ही लगती है लाइन, ”आचरण” बनाने को जुट रही भीड़

नवादा : कैरेक्टर प्रमाणपत्र बनाने में महिलाओं व उनके अभिभावकों के पसीने छूट रहे हैं. 52 सीटों के लिए आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका बहाली के लिए आवेदन करने के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया गया है. समेकित बाल विकास सेवा योजना के तहत अनुबंध के आधार पर महिला पर्यवेक्षिकाओं की बहाली को लेकर आवेदन ऑनलाइन किया […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 19, 2019 8:26 AM

नवादा : कैरेक्टर प्रमाणपत्र बनाने में महिलाओं व उनके अभिभावकों के पसीने छूट रहे हैं. 52 सीटों के लिए आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका बहाली के लिए आवेदन करने के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया गया है. समेकित बाल विकास सेवा योजना के तहत अनुबंध के आधार पर महिला पर्यवेक्षिकाओं की बहाली को लेकर आवेदन ऑनलाइन किया जा रहा है.

आवेदन करनेवाले अभ्यर्थियों की भारी भीड़ इन दिनों समाहरणालय स्थित आरटीपीएस काउंटर पर दिख रही है. गुरुवार को कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनाने के लिए सुबह पांच बजे के पहले से ही लड़कियों व महिलाओं की भीड़ दिखी. लोग रात में ही ईंट व पत्थर को रख कर लाइन लगाने को विवश हैं.
26 सीटों पर आंगनबाड़ी सेविकाओं की होनी है बहाली : इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विस (आइसीडीएस) की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि रंजन ने बताया कि निकाली गयी रिक्तियों में 52 सीटों में से 26 सीटें अर्हता प्राप्त करनेवाली आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए आरक्षित है, जबकि 26 सीटें स्वतंत्र रूप से आवेदन करनेवाली युवतियों के लिए है.
उन्होंने बताया कि पहले रिक्तियों के आलोक में 25 प्रतिशत सीटें आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए आरक्षित होती थीं, लेकिन अब केंद्र सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आदेश के आलोक में वैकेंसी की 50 फीसदी सीटें आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए आरक्षित कर दी गयी हैं. जिला प्रशासन की वेबसाइट एनएडब्ल्यूएडीए डॉट एनआइसी डॉट इन पर रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.
बड़ी मुश्किलों से बनवा रहे जाति प्रमाणपत्र
आचरण प्रमाणपत्र बनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में सुबह से ही महिला व लड़कियां कड़ी धूप में लाइन में खड़ी दिखती हैं. महिला पुलिस व अन्य सुरक्षा इंतजाम आदि नहीं होने के कारण काउंटर पर लाइन में लगने के बजाय एक साथ ही दर्जनों महिलाएं काउंटर पर धक्का-मुक्की कर आवेदन जमा कर रही हैं.
महिला पर्यवेक्षिका पद पर बहाली के लिए आचरण प्रमाणपत्र बनाने की डिमांड से अभ्यर्थियों को उसे पूरा करने में हजारों रुपये पहले ही खर्च करने पड़ रहे हैं. शादीशुदा आवेदकों को अपने मायके से बना हुआ जाति प्रमाणपत्र देना है. जिन महिलाओं का मायका दूर है, वह बड़ी मुश्किलों के अपना जाति प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं. खासकर दूसरे जिला व राज्यों की महिलाओं को तो और भी अधिक दिक्कत आ रही है.
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका पद पर आवेदन करने के लिए महिलाओं को बनाना है आचरण प्रमाणपत्र
धक्का-मुक्की व मारपीट की हो रही हैं घटनाएं, एक ही काउंटर होने से काम करने में आ रही दिक्कत
गोद के बच्चे भी पीस रहे भीड़
में, 25 जुलाई तक है
आवेदन करने की
अंतिम तिथि
50 फीसदी सीटें आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए आरक्षित हैं

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