अतिक्रमण हटाना बड़ी चुनौती

नवादा कार्यालय: जिला प्रशासन की ओर से कहने को हर सप्ताह शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलता है. लेकिन, यह महज खानापूर्ति साबित हो रहा है. अभियान के तहत आगे-आगे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलता है, तो पीछे से अतिक्रमण शुरू भी हो जाता है. शहर के भगत सिंह चौक से प्रजातंत्र चौक, इंदिरा चौक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
नवादा कार्यालय: जिला प्रशासन की ओर से कहने को हर सप्ताह शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलता है. लेकिन, यह महज खानापूर्ति साबित हो रहा है. अभियान के तहत आगे-आगे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलता है, तो पीछे से अतिक्रमण शुरू भी हो जाता है. शहर के भगत सिंह चौक से प्रजातंत्र चौक, इंदिरा चौक व प्रजातंत्र चौक से लाल चौक तक प्रशासन के तरफ से पूरे जोश दिखाया जाता है, डंडा भी चलाया जाता है.
जैसे ही अभियान लाल चौक से खूरी नदी पुल की ओर बढ़ता है पहले वाला जोश ठंडा पड़ जाता है. गौरतलब है कि डीएम ललन जी के नेतृत्व में तीन माह पहले चलाये गये अभियान में खूरी नदी पुल पर बसे अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए नोटिस दी गयी थी. परंतु, तीन माह बाद भी स्थिति यथावत बनी हुई है.
पुल के फुटपाथ पर सब्जी, फल रेडीमेड आदि की दुकानें स्थायी रूप से खुल गयी है. इन अतिक्रमणकारियों की हटाने की कवायद प्रशासन की ओर से नहीं की जाती है. साथ ही कोई राजनेता भी वोट बैंक के डर से अतिक्रमणकारियों की हटाने की मांग प्रशासन से नहीं करता है.
जाम का कारण अतिक्रमण
शहर को स्वच्छ व साफ रखने की दिशा में प्रशासन की पहल नहीं रहने के कारण अतिक्रमणकारी पांव जमाये बैठे हैं. शहर में आये दिन लगने वाले जाम का मुख्य कारण भी अतिक्रमण ही है. लाल चौक से लेकर खूरी नदी पुल पार स्टैंड तक जाम रहता है. बजरंग दल के जिलाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद जीतू ने आरोप लगाया कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के नाम पर भेदभाव बरत रही है. अतिक्रमण हटाओ दस्ता गुरुवार को पार नवादा में नहीं पहुंचा है. इसके कारण खूरी नदी पुल से लेकर गया रोड व रेलवे गुमटी तक हमेशा अतिक्रमण के कारण जाम लगा रहता है. शहर के अन्य कई मार्गो पर भी अतिक्रमणकारियों को पूरी तरह नहीं हटाये जाने के कारण शहर में जाम की समस्या बनी रहती है. गोला रोड में भी जैसे-तैसे वाहनों को खड़ा कर माल लोड-अन लोड किये जाने से जाम की समस्या बनी रहती है. पुरानी बाजार व ठठेरी गली में भी दुकानदारों द्वारा अपने दुकानों से काफी आगे तक सामान लगाये जाने के कारण जाम लगी रहती है. इन क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने वाले अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है. शहर के कई बुद्धिजीवी नागरिकों ने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमण को पूरी तरह हटाने के साथ ही फुटपाथी दुकानों को अन्यत्र स्थापित किये जाने की मांग प्रशासन से की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >