पटना : एक ओर पूछताछ दूसरी ओर हटाये गये सबूत

पटना : दिल्ली क्राइम ब्रांच के ऑफिसर व पटना पुलिस रेडियोलॉजी के जूनियर डॉक्टर जान मेहता उर्फ राजीव रंजन उर्फ राजू सिंह को पकड़ कर पूछताछ कर रही थी. इसी दौरान उसके कमरे से तमाम दस्तावेज को उसके गिरोह के सदस्यों ने हटा दिया. इसका खुलासा उस समय हुआ जब देर रात दिल्ली क्राइम ब्रांच […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 26, 2017 8:47 AM
पटना : दिल्ली क्राइम ब्रांच के ऑफिसर व पटना पुलिस रेडियोलॉजी के जूनियर डॉक्टर जान मेहता उर्फ राजीव रंजन उर्फ राजू सिंह को पकड़ कर पूछताछ कर रही थी. इसी दौरान उसके कमरे से तमाम दस्तावेज को उसके गिरोह के सदस्यों ने हटा दिया. इसका खुलासा उस समय हुआ जब देर रात दिल्ली क्राइम ब्रांच व पटना पुलिस की टीम ने उसके बंद कमरे का ताला ताेड़ा और अंदर प्रवेश किया.
कमरे के अंदर सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था. वहां किसी प्रकार के कोई कागजात नहीं थे. केवल बेड व कुछ कपड़े थे. इससे यह आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी गिरफ्तारी की सूचना के बाद तुरंत ही उसके कमरे से सारे कागजात को गायब कर दिया गया और फिर उसमें ताला लगा दिया गया.
पटना पुलिस भी जूनियर डॉक्टर जान को रिमांड पर लेगी. पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गिरोह को नीट का पेपर लीक करने के प्रयास में पकड़ा था. उसमें पीएमसीएच के साथ ही एनएमसीएच के दो जूनियर डॉक्टर शिव कुमार व शिवम मंडल भी गिरफ्तार किये गये थे.
इस कारण पटना पुलिस यह आशंका जता रही है कि पेपर लीक करने के प्रयास में डॉ जान भी शामिल था. इस कारण उस केस में पूछताछ के लिए डॉ जान को रिमांड पर पटना पुलिस लेगी और पूछताछ करेगी. इसके साथ ही पटना पुलिस ने डॉ जान के मोबाइल नंबर को भी ले लिया है और उसका सीडीआर निकाल कर अपने स्तर पर भी छानबीन करेगी.
कई अन्य पेपर लीक से भी जुड़ चुके हैं पटना के तार : तेलंगाना में मेडिकल, इंजीनियरिंग व एग्रीकल्चर के कॉमन टेस्ट के पेपर लीक के भी तार बिहार से जुड़े थे. इसके बाद पुलिस गिरोह के सरगना, एक बैंक कर्मचारी, एक वेटनरी डॉक्टर समेत चार को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी थी. कॉमन इंट्रेस टेस्ट 14 जुलाई, 2016 को लिया गया था.
प्रश्न पत्र लीक की जानकारी हुई थी और 25 जुलाई, 2016 को मामला दर्ज किया गया था. वहां की पुलिस ने एक कंसलटेंसी से जुड़े विष्णु, रमेश व त्रिमुल रेड्डी को गिरफ्तार किया था. उसके बाद पूछताछ के आधार पर अजय कुमार, वेटनरी डॉक्टर श्रुतिकेश, राजेश को गिरफ्तार किया था.

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