अपराधियों के खिलाफ जुटाएं पुख्ता सबूत, दिलाएं सजा

फुलवारीशरीफ : डीजीपी प्रमोद कुमार ठाकुर ने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई का क्षेत्र बड़ा हो गया है.आर्थिक अपराध इकाई के अनुसंधानकर्ता को चाहिए कि अनुसंधान सटीक हो. सारे साक्ष्य को दस्तावेज बना कर कोर्ट में पेश करें, तो अपराधियों को जरूर सजा मिलेगी. शुक्रवार को बामेती के सभागार में आर्थिक अपराध इकाई के सातवें […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 2, 2017 8:49 AM
फुलवारीशरीफ : डीजीपी प्रमोद कुमार ठाकुर ने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई का क्षेत्र बड़ा हो गया है.आर्थिक अपराध इकाई के अनुसंधानकर्ता को चाहिए कि अनुसंधान सटीक हो. सारे साक्ष्य को दस्तावेज बना कर कोर्ट में पेश करें, तो अपराधियों को जरूर सजा मिलेगी.
शुक्रवार को बामेती के सभागार में आर्थिक अपराध इकाई के सातवें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए डीजीपी ने कहा कि आर्थिक अपराध में एक लोग शामिल नहीं रहते हैं. इसमें कई लोग शामिल रहते हैं. इस इकाई को चाहिए कि अनुसंधान करे और मास्टर माइंड तक पहुंच कर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए. डीजीपी ने कहा कि डिजिटल होने और कैशलेस होने के बाद वर्तमान में कलोन चेक से अवैध भुगतान के कई मामले सामने आये हैं, जिससे आर्थिक अपराध इकाई की जिम्मेदारी बढ़ गयी है. इससे निबटने के लिए अधिकारी और कर्मियों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है.
इसके बाद आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक कौशल किशोर सहाय व सहायक निदेशक एसबी कुमार ने जाली नोटों के तकनीकी अनुसंधान पर प्रस्तुतीकरण दिया. मौके पर पटना आईजी नैयर हसनैन , डीआईजी राजेश कुमार , डीआईजी विकास वैभव, आइसीआइसी के ईस्टर्न जोन कोलकाता के जोनल हेड मौसम मनोहर व पटना एसबीआई लर्निंग सेंटर पटना के मुख्य प्रबंधक राकेश कुमार ,अधिवक्ता अजीत कुमार ,वरीय चार्टड एकाउंटेंट अनुज गांगुली ,बीआईटी के प्रो विजय अग्रवाल आदि मौजूद थे. साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने मोबाइल से जुड़े धोखाधडी विषय पर प्रकाश डाला. समारोह का संचालक आइपीएस राशिद जमा और एएसीपी सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
बिहार सैन्य पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई कि आज के परिवेश में जिम्मेदारी बढ़ गयी है कि इससे जुड़े कर्मियों को कौशलता आनी चाहिए. सीबीआई जैसी अनुसंधानकर्ता संगठन की तरह भरोसा आर्थिक अपराध इकाई पर हो और लोगों का विश्वास बढ़े.
अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय एसके सिंघल ने कहा कि क्वालिटी पैदा करके अनुसंधान करें. अपर पुलिस महानिदेशक विधि-व्यवस्था अलोक राज ने भी अपने विचार रखे. इससे पूर्व आर्थिक अपराध इकाई के आइजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने आर्थिक अपराध इकाई की उपलब्धियों व कार्रवाई पर पाॅवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण दिया.

Next Article

Exit mobile version