न अवैध मंजिल ही टूटी न बेसमेंट ही तोड़ पाये

पटना : बंदर बगीचा स्थित संतोषा अपार्टमेंट के अलावा नूतन प्लाजा भी अवैध निर्माण के दायरे में आ चुका है.भले ही मामला फिलहाल ऊपरी अदालत में चल रहा हो, लेकिन नगर आयुक्त की कोर्ट से इस को भी तोड़ने का आदेश दिया जा चुका है. वर्ष 2014 में ही नगर निगम ने तत्कालीन आयुक्त कुलदीप […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
पटना : बंदर बगीचा स्थित संतोषा अपार्टमेंट के अलावा नूतन प्लाजा भी अवैध निर्माण के दायरे में आ चुका है.भले ही मामला फिलहाल ऊपरी अदालत में चल रहा हो, लेकिन नगर आयुक्त की कोर्ट से इस को भी तोड़ने का आदेश दिया जा चुका है. वर्ष 2014 में ही नगर निगम ने तत्कालीन आयुक्त कुलदीप नारायण ने इस मामले की सुनवाई की थी और लगभग एक वर्ष चले निगरानीवाद के मामले में इस पर सुनवाई कर आदेश पारित कर दिया गया.
गौरतलब है कि तब बंदर बगीचा स्थित निर्माणाधीन नूतन प्लाजा अपार्टमेंट के तीन ऊपरी फ्लोर को तोड़ने का आदेश दिया गया था. इसके साथ ही बायलॉज का उल्लंघन कर बनाये गये बेसमेंट व सेट बैक एरिया को भी ध्वस्त करने का आदेश दिया था. नगर आयुक्त कुलदीप नारायण ने निगरानीवाद की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया.
आदेश में कहा गया है कि अगर बिल्डर 30 दिनों के भीतर खुद अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं करेंगे, तो निगम उसे ध्वस्त कर खर्च होनेवाली राशि वसूल करेगा.
चोरी-छिपे निर्माण: मामला वर्ष 2007 से ही चल रहा है, लेकिन इसमें निगरानी जांच के बाद 5 अक्तूबर, 2013 को वाद की शुरुआत हुई थी. इसके बाद से ही निर्माण कार्य बंद है. बीच में चोरी-छिपे निर्माण कार्य कराये जाने पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी. नगर आयुक्त के आदेश में कोर्ट को भी गुमराह करने का आरोप लगाया गया था.
इन मापदंडों को पूरा नहीं करने पर था आदेश
– पूरब की सड़क के लिए नक्शे में चौड़ीकरण प्रावधान नहीं.
– उत्तर में सड़क की चौड़ाई भी कम.
– भवन की वास्तविक ऊंचाई नक्शे से 3.72 मीटर अधिक.
– सेटबैक के खुले हिस्से का भू-भाग समतल नहीं.
– पूरब की तरफ बेसमेंट में जाने के रैंप व उसके कवर्ड स्ट्रक्चर को समाप्त कर दिया गया.
– कवर्ड स्ट्रक्चर के दक्षिणी हिस्से में भूतल पर खुला स्टील स्टेयर है.
– एयरपोर्ट ऑथोरिटी से नहीं लिया गया है एनओसी
– द्वितीय पुनरीक्षण के बाद दो नये तल्ले का निर्माण किया गया.
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