बिहार : ऐसे कीजिए जेईई मेन ऑफलाइन मोड परीक्षा की तैयारी, हर टॉपिक का बनाएं प्रॉपर चैनल, इन बातों का रखें ध्यान

II कुमार उत्कर्ष II एमटेक, आईआईटी, मद्रास जेईई मेन के ऑफलाइन मोड का आयोजन आठ अप्रैल को और ऑनलाइन मोड का आयोजन 15 व 16 अप्रैल को किया जायेगा. परीक्षार्थियों की मदद के लिए प्रभात खबर एक्सपर्ट के टिप्स प्रकाशित कर रहा है. पटना़ : जेईई मेन ऐसी परीक्षा है, जिससे आईआईटीज, एनआईटी व जीएफटीआई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 6, 2018 6:07 AM
II कुमार उत्कर्ष II
एमटेक, आईआईटी, मद्रास
जेईई मेन के ऑफलाइन मोड का आयोजन आठ अप्रैल को और ऑनलाइन मोड का आयोजन 15 व 16 अप्रैल को किया जायेगा. परीक्षार्थियों की मदद के लिए प्रभात खबर एक्सपर्ट के टिप्स प्रकाशित कर रहा है.
पटना़ : जेईई मेन ऐसी परीक्षा है, जिससे आईआईटीज, एनआईटी व जीएफटीआई के लिए दरवाजे खुलते हैं. इसकी तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे ज्यादा तल्लीन न होकर एक प्रॉपर चैनल को तैयार करें, जिसमें उनके सारे सब्जेक्ट्स कवर हो सकें.
जहां तक टॉपिक्स की बात है तो जितने ज्यादा टॉपिक्स को वे तैयार कर सकते हैं, करे लें. चूंकि अब समय बहुत कम है इसलिए अब औसत से ज्यादा तैयारी करें और रिविजन पर ध्यान दें. यह ध्यान देने वाली बात है कि अगर संतुलित तरीके से और संयम के साथ तैयारी की जाये तो यह कोई क्रिटिकल एग्जाम नहीं रह जाता है.
केमिस्ट्री के स्ट्रॉग प्वाइंट को देखें : आमतौर पर यह ट्रेंड होता है कि मैथ्स और फिजिक्स एक हद तक एक-दूसरे से संबद्ध होते हैं, यानी जिसका मैथ्स मजबूत होता है वह फिजिक्स को संभाल लेता है और जिसका फिजिक्स मजबूत होता है वह मैथ्स को संभाल लेता है.
इसलिए केमिस्ट्री में स्ट्रांग प्वाइंट्स को देखें. इसके अलावा अपने मेजर प्वाइंट्स को समझें. उसी के अनुसार अपनी प्लानिंग को बनाएं. खुद से ही तैयारी करके देखें कि आपने किस स्तर तक की तैयारी कर ली है. यह याद रखें कि जेईई मेन के पेपर-1 में प्रश्न फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से संबंधित आते हैं, वहीं पेपर-2 में मैथ्स, योग्यता परीक्षण और आर्किटेक्ट से संबंधित प्रश्न आते हैं.
स्पीड व एक्युरेसी पर रखें ध्यान
अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह जेईई मेन में भी गति और शुद्धता यानी स्पीड और एक्युरेसी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, जो लगातार लिखित अभ्यास से ही संभव है. इसके लिए घर पर ही परीक्षा जैसे माहौल में रोजाना प्रश्नों को हल करने की प्रैक्टिस करें. अपनी कमजोरियों को तलाशें और उन्हें दूर करने की कोशिश करें.
इन बातों का रखें ध्यान
– किसी भी प्रकार का तनाव न लें, इसका एग्जाम में प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है.
– परीक्षा के दौरान स्ट्रांग प्रश्नों को पहले पकड़ने की कोशिश करें.
– यह स्कैन करने की कोशिश करें कि पेपर कैसा है?
– स्ट्रांग टॉपिक्स को सॉल्व करके खुद को कवर करने की कोशिश करें.
– अपने कांसेप्ट को क्लियर रखें.
मॉक टेस्ट पर डाल लें नजर
जेईई मेन और जेईई एडवांस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मॉक टेस्ट का नियमित अभ्यास बड़ा मायने रखता है. इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे सभी अभ्यर्थियों को एक बार कोर्स पूरा कर लेने के बाद मॉक टेस्ट पर नजर जरूर डाल लेनी चाहिए.
चूंकि अब वक्त बहुत कम बचा है इसलिए पिछले प्रश्नों का अभ्यास जरूर कर लें. ऐसा करके प्रदर्शन में और सुधार लाया जा सकता है. प्रश्नों को हल करने का अभ्यास प्रश्नपत्र के लिए निर्धारित अवध‍ि के अंदर ही करने का प्रयास करें.

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