पटना : चीनी पर सेस से गन्ना किसानों को राहत

पटना : जीएसटी परिषद की बैठक में बिहार जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों के किसानों को राहत देने के लिए चीनी पर सेस लगाने का निर्णय लिया गया. साथ ही डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वालों को कर में दो प्रतिशत राहत देने के संबंध में मंत्री समूह का गठन करने व कर विवरणी को दाखिल करने की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 5, 2018 8:19 AM
पटना : जीएसटी परिषद की बैठक में बिहार जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों के किसानों को राहत देने के लिए चीनी पर सेस लगाने का निर्णय लिया गया. साथ ही डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वालों को कर में दो प्रतिशत राहत देने के संबंध में मंत्री समूह का गठन करने व कर विवरणी को दाखिल करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने एवं जीएसटी नेटवर्क का पूर्ण सरकारीकरण करने का भी निर्णय लिया गया.
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में हुए निर्णयों से अवगत कराते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि चीनी पर तीन रुपये प्रति किलो की दर से सेस लगाने के प्रस्ताव को अंतिम स्वरूप देने के लिए मंत्री समूह का गठन किया जायेगा. इससे छह हजार करोड़ की प्राप्ति होगी और बिहार जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. विभिन्न राज्यों में गन्ना किसानों का 19 हजार करोड़ बकाया है. चीनी उत्पादन की लागत प्रति किलो 40 रुपये है, जबकि बाजार मूल्य प्रति किलो 29-30 रुपये है.
मोदी ने बताया कि डिजिटल भुगतान करने वालों को कर में दो प्रतिशत रियायत एवं एक ट्रांजेक्शन पर अधिकतम 100 रुपये प्रोत्साहन देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंत्री समूह द्वारा अंतिम रूप दिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि इससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा तथा बिहार के लोग काफी संख्या में लाभान्वित होंगे. उन्होंने कहा कि बैठक में कर विवरणी को दाखिल करने की प्रक्रिया सरलीकृत करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे बिहार के करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी. वर्तमान में उन्हें एक माह में तीन विवरणी दाखिल करने पड़ते हैं, जबकि नयी व्यवस्था में माह में मात्र एक ही विवरणी दाखिल करना होगा. इसके लिए फॉर्म को भी सरलीकृत किया जायेगा.
कर भुगतान के लिए छोटे एवं बड़े करदाताओं के लिए अलग-अलग तिथियां होंगी. यह व्यवस्था को छह माह के भीतर लागू की जायेगी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जीएसटी नेटवर्क के पूर्ण सरकारीकरण का निर्णय लिया गया. विदित हो कि जीएसटीएन माल एवं सेवा कर प्रणाली को आईटी का आधारभूत ढामचा प्रदान करती है तथा इसके द्वारा महत्वपूर्ण आंकड़ों का संधारण किया जाता है.

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