पटना : जेल में बैठ कर साजिश रचने वाले दूसरी जगह होंगे शिफ्ट

एएसपी अभियान तैयार कर रहे हैं सूची पटना : सलाखों के पीछे बैठकर अपराधी बड़ी घटनाओं की साजिश रच रहे हैं. हत्या, रंगदारी, लूट और किडनैपिंग जैसे अपराधी जेल से हार्डकोर क्रिमिनल के द्वारा संचालित हो रहा है. इस संबंध में प्रभात खबर ने 5 जुलाई के अंक में ‘जेल में बंद अपराधी दे रहे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 5, 2018 5:32 AM
एएसपी अभियान तैयार कर रहे हैं सूची
पटना : सलाखों के पीछे बैठकर अपराधी बड़ी घटनाओं की साजिश रच रहे हैं. हत्या, रंगदारी, लूट और किडनैपिंग जैसे अपराधी जेल से हार्डकोर क्रिमिनल के द्वारा संचालित हो रहा है.
इस संबंध में प्रभात खबर ने 5 जुलाई के अंक में ‘जेल में बंद अपराधी दे रहे क्राइम को बढ़ावा, पुलिस परेशान’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित किया था. अब इसका संज्ञान पटना के डीआईजी राजेश कुमार ने लिया है. डीआईजी ने एएसपी अभियान अनिल कुमार को निर्देश जारी किया है कि वह ऐसे अपराधियों की सूची तैयार करें जो जेल में बैठे-बैठे कारनामे कर रहे हैं. इन अपराधियों को चिन्हित किया जा रहा है. इन्हें दूसरे जिलों के जेलों में शिफ्ट किया जायेगा.
8 अगस्त तक डीआईजी ने मांगी सूची : डीआईजी ने इस मामले में सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने जेल से हो रहे अपराधिक कृत्य का जिक्र करते हुए एक पत्र जारी किया है.
इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसे अपराधियों की सूची तैयार की जाये जिनके खिलाफ जेल से साजिश रचने का आरोप है, कितने ऐसे अपराधी है जिनके खिलाफ बेऊर थाने में केस दर्ज है, उन्हें चिन्हित करके सूचीबद्ध किया जाय. यह सूची एएसपी अभियान अनिल कुमार से 8 अगस्त तक मांगी गयी है. सूची आने के बाद डीआईजी के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी और ऐसे अपराधियों को दूसरे जिले के जेलों में शिफ्ट किया जायेगा.
बिहार की जेल एक नजर में
– 8 सेंट्रल जेल
– करीब 36 हजार कैदियों की रखने की कुल क्षमता
– एनसीआरबी 2015 की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के जेलों में 82 प्रतिशत बिचाराधीन बंदी हैं. यह आंकड़ा देश के अन्य राज्यों की जेलों से ज्यादा है.

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