पटना : बिहार में सवर्ण आरक्षण पर लगातार जारी बयानबाजी के बीच 11 फरवरी से शुरू हो रहा बजट सत्र बिहार विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सवर्ण आरक्षण को आगामी विधानमंडल के सत्र में लागू करने के लिए विधेयक पेश किये जाने की बात कही है. वहीं, तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सवर्ण आरक्षण पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सुप्रीम कोर्ट में कमजोर एसएलपी दाखिल करने का आरोप लगाया है. साथ ही विभागवार आरक्षण यानी 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने को लेकर हमला किया है.
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी आवास में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग को दे दिया है. बैठक में महाधिवक्ता ललित किशोर से कानूनी परामर्श लेने के बाद निर्णय किया गया कि सूबे में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान लागू करने के लिए अलग से अधिनियम बनाना आवश्यक है. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को विधेयक तैयार करने का निर्देश दिया. यह विधेयक बजट सत्र में विधानमंडल में पेश किया जायेगा.
वहीं, सवर्ण आरक्षण कानून पर राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि राजद सवर्ण आरक्षण के विरोध में नहीं है. उन्होंने आयोग बनाकर आम सहमति बनाये जाने की वकालत की. साथ ही कहा कि केंद्र सरकार ने आनन-फानन में यह बिल लाया है. इस बिल पर विधायक दल की बैठक में पार्टी फैसला करेगी. साथ ही राजद के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी सवर्ण आरक्षण को छलावा बताते हुए इसे मोदी सरकार का जुमला करार दिया है. उन्होंने कहा है कि देश के युवाओं का भला आरक्षण से नहीं, बल्कि नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ाने से होगा. उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती पर 24 जनवरी को आयोजित समारोह से इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंकने की बात कही है.