पटना : अब तक नहीं बने 30 हजार नये शौचालय

पटना जिले को 15 अगस्त तक अोडीएफ घोषित करने का लक्ष्य पटना : सूबे को दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित किया जायेगा. इसको लेकर जिले में शौचालय निर्माण और जिन लाभुकों ने शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया है, उनके भुगतान की प्रक्रिया चल रही है. डीएम कुमार रवि के निर्देश में सभी पंचायतों को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 19, 2019 9:21 AM
पटना जिले को 15 अगस्त तक अोडीएफ घोषित करने का लक्ष्य
पटना : सूबे को दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित किया जायेगा. इसको लेकर जिले में शौचालय निर्माण और जिन लाभुकों ने शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया है, उनके भुगतान की प्रक्रिया चल रही है. डीएम कुमार रवि के निर्देश में सभी पंचायतों को प्रतिदिन के हिसाब से लक्ष्य दिया गया है.
इसमें प्रतिदिन प्रखंडों में 50 से 800 लाभुकों को पैसे का भुगतान करना है. ताकि, योजना के अनुसार जिले को 15 अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित कर दिया जाये. फिलहाल दावा किया जा रहा है कि अब तीन लाख 82 हजार के लगभग व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 30 हजार नये लाभुकों को प्रक्रिया में शामिल कर शौचालय निर्माण शुरू किया जा रहा है. मतलब अगर जिले में चार लाख दस हजार के लगभग शौचालय निर्माण हो गया, तो पूरे जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जायेगा. कई पंचायतों ने अपने को ओडीएफ घोषित कर लिया है.
अब ब्लॉक स्तर पर जांच का काम चल रहा है. दस प्रखंड ऐसे हैं जिनमें शौचालय निर्माण के बाद अब तक मात्र 30 फीसदी लाभुकों को ही पैसे का भुगतान किया गया है. इसमें फुलवारी, पालीगंज, नौबतपुर, फतुहा, पुनपुन, धनरूआ, मनेर, पटना सदर व मसौढ़ी प्रखंड है. जिनमें प्रतिदिन आठ सौ लाभुकों तक पैसा भुगतान का लक्ष्य दिया गया है.
साथ ही सुस्त भुगतान के जिम्मेदार बीडीओ के वेतन पर रोक लगा दी गयी है. जिन पंचायतों में लोगों के पास शौचालय निर्माण के लिए अपनी जगह नहीं है. वहां कलस्टर शौचालय निर्माण का काम किया जायेगा. इसके लिए ऐसे दलित और महादलित टोले की पहचान की जा रही है.
कलस्टर शौचालय में व्यक्तिगत शौचालय के मॉडल के आधार पर ही दो से 10 शौचालय बन जायेंगे.तीस हजार नये शौचालय निर्माण का लक्ष्य : इसमें पालीगंज में 5500, नौबतपुर में 4997, धनरूआ में 4860, बिहटा में 3688, मसौढ़ी में 3209, दानापुर में 2837, मनेर में 2760, पटना सदर में 2515 और बख्तियारपुर में 2082 नये व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण किया जाना है.
लाभुकों को पैसा भुगतान करने का काम तेजी से करने के निर्देश दिये गये हैं. लगातार समीक्षा की जा रही है. ताकि, समय पर जिले को ओडीएफ घोषित करने का काम पूरा कर लिया जाये.
कुमार रवि, डीएम

Next Article

Exit mobile version