पटना : केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों तथा स्थानीय मुद्दों को लेकर बुधवार को महागठबंधन और वाम दलों ने संयुक्त रूप से राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया. मुख्य आयोजन पटना में हुआ, जहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ मदन मोहन झा, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, राजद के विधायक रामानुज प्रसाद और मृत्युंजय तिवारी, भाकपा के सत्यनारायण सिंह आदि नेता शामिल हुए. धरना- प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य व कानून व्यवस्था के बारे में कहा कि अब इसने विकराल रूप ले लिया है.
आज की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी है. राज्य भर में रोज हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं घट रही हैं. रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्र व राज्य की सत्ता से जनता ऊब चुकी है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन की एकता चुनाव तक रहेगी. कांग्रेस के मदन मोहन झा ने कहा कि केंद्र सरकारी जगहों और संसाधनों को निजी हाथों में सौंप रहा है.
भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कि केंद्र और बिहार की सरकार से जनता त्रस्त है. इसलिए जनता की मांग को लेकर सभी विपक्षी दल एक साथ सड़क पर उतरे हैं. वीआइपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि एनडीए सरकार में देश में आतंक का माहौल व्याप्त है. प्रदर्शन में माकपा के सचिव मंडल सदस्य अरुण कुमार मिश्र, राजद नेता सरदार रंजीत सिंह एवं मनोज कुमार चंद्रवंशी मौजूद थे.