बोधगया में खुलेगा आइआइएम

पटना: बिहार में इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट (आइएमएम) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. बोधगया में इसकी स्थापना होगी. केंद्र सरकार ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है. इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने दी. बुधवार को विभाग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने बताया कि आइआइएम के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 8, 2015 5:35 AM
पटना: बिहार में इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ मैनेजमेंट (आइएमएम) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. बोधगया में इसकी स्थापना होगी. केंद्र सरकार ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है. इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने दी. बुधवार को विभाग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने बताया कि आइआइएम के लिए पटना में जमीन मिलने में परेशानी हो रही थी.

इसलिए शिक्षा विभाग ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय को बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय परिसर में 150 एकड़ जमीन उपलब्ध होने का प्रस्ताव मंत्रलय को भेजा था. जमीन देने संबंधी स्वीकृति मगध विवि से भी ली जा चुकी है. इस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंजूरी दे दी है. साथ ही आइआइएम, इंदौर को मेंटर के रूप में काम करने का मंत्रलय ने निर्देश दिया है.

नये सत्र से हायर एजुकेशन में क्रेडिट सिस्टम
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ मंगलवार को नयी दिल्ली में बैठक के बाद शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने कहा कि बैठक में विकल्प आधारित क्रेडिट हस्तांतरण प्रणाली (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) और क्रेडिट आधारित कौशल विकास ढांचे (क्रेडिट फ्रेम वर्क स्कीम) को बिहार के हायर एजुकेशन में नये सत्र से लागू करने पर सहमति बनी. जुलाई से शुरू होनेवाले सत्र से पहले फरवरी के पहले सप्ताह में एक बैठक बुलायी जायेगी. इस बैठक में इसे लागू कैसे करनी है, क्या-क्या जरूरतें है ? इस पर चर्चा होगी. बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री, यूजीसी के चेयरमैन समेत राज्य के विश्वविद्यालयों के वीसी-प्रोवीसी, प्रधानाचार्य समेत शिक्षा मंत्री व विभागीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस बैठक के बाद ही विभाग मंत्रलय को कॉलेजों में क्रेडिट सिस्टम पर अपनी सहमति देगा. शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में 11 सामुदायिक महाविद्यालय चल रहे हैं और 15 नये सामुदायिक महाविद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन मंजूरी नहीं मिली है. इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यूजीसी के अध्यक्ष को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सामुदायिक महाविद्यालयों में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई होती है और यहां नौकरी पक्की है. इन कॉलेजों में एक यूनिट में 20 से बढ़ा कर 50 सीट कर दी गयी है. इसमें जो कंपनी पार्टनर होती है उसकी आवश्यकता अनुसार सिलेबस तय किया जाता है. इस कॉलेजों में भी क्रेडिट सिस्टम लागू है.
क्या है क्रेडिट सिस्टम ?
क्रेडिट सिस्टम में कोई अगर कोई छात्र स्नातक या पीजी का स्टूडेंट है और उसके एक साल की पढ़ाई किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय से पूरी कर ली है. इसके बाद उसे किसी कारण वश दूसरे प्रदेश जाना पड़ता है तो वह वहां के कॉलेज या विवि में आगे की पढ़ाई कर सकता है. इसके लिए संबंधित कॉलेज या विवि की मंजूरी आवश्यक होगी.

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