विरोध के बाद रुकी सीलिंग

* आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां रोकने के अभियान पर सवाल उठा पटना : हाइकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने एसके पुरी, राजेंद्रनगर, पाटलिपुत्र व एसके नगर आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां चलानेवाले परिसरों को सील करने का निर्णय लिया था, लेकिन पहले ही दिन इस अभियान की हवा निकल गयी. शुरुआती दौर में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 4, 2013 2:24 AM

* आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां रोकने के अभियान पर सवाल उठा

पटना : हाइकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने एसके पुरी, राजेंद्रनगर, पाटलिपुत्र एसके नगर आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां चलानेवाले परिसरों को सील करने का निर्णय लिया था, लेकिन पहले ही दिन इस अभियान की हवा निकल गयी.

शुरुआती दौर में निगम प्रशासन मात्र छह दुकानों को सील करने पर अड़ा है, वहीं स्थानीय लोग छोटे से पहले बड़े व्यवसायियों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं. एसके पुरी के स्थानीय व्यवसायियों ने भी कार्रवाई में निगम प्रशासन की दोरंगी नीति पर सवाल खड़ा कर अपने लिए जमीन तैयार की है. इस बीच नगर निगम की चुप्पी ने आगे की कार्रवाई पर प्रश्न चिह्न् लगा दिया है. शनिवार को धरनाप्रदर्शन खत्म होने के बाद नगर निगम के स्तर पर कुछ नये फैसले लिए जाने की उम्मीद है.

* डायवर्ट हो गया मामला

बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद सीलिंग का पूरा मामला ही डायवर्ट हो गया है. शुरुआती दौर में बड़े छोटे व्यवसायी पर कार्रवाई को लेकर तनातनी थी, लेकिन अब स्थानीय नेता आवासीय परिसर में व्यावसायिक गतिविधि को कानूनी मान्यता देने की मांग करने लगे हैं. शनिवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का बयान कुछ ऐसा ही था. आवासीय इलाके में व्यावसायिक कारोबार चलने के लिए सबसे बड़ा दोषी निगम प्रशासन है. आखिर यहां शराब की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस किसने दिया.

* पुनर्विचार करे निगम : नितिन

विधायक नितिन नवीन कहते हैं कि सीलिंग की प्रक्रिया शुरू करने से पहले निगम नियमों पर पुनर्विचार करे. नये तरीके से सीलिंग शुरू होती है, तो हम सब सहयोग करेंगे. आज स्थिति बदल गयी है. 50 साल पहले के नियम कानून के आधार पर आवासीय इलाकों के व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सील करना सही नहीं है.

हम यह नहीं कहते कि हर गली में व्यावसायिक कारोबार हो. लेकिन, व्यवसाय करने के लिए एक योजना होनी चाहिए. नये नियम बनाये जाएं. कोर्ट का भी आदेश है कि पहले से जो प्रतिष्ठान चल रहे हैं, उनके साथ छेड़छाड़ किया जाये.

* 48 घंटे बाद विधायक ने छोड़ा थाना

पटना : एसके पुरी थाने में 48 घंटे से चल रहा विधायक नितिन नवीन का धरना शनिवार को खत्म हो गया. सिटी एसपी जयंत कांत के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना खत्म करने की घोषणा की. गिरफ्तारी या झूठा मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर वह गुरुवार से धरना पर बैठे थे.

* दो बार हुई बातचीत

सिटी एसपी जयंत कांत विधायक नितिन नवीन के बीच एसके पुरी थाने के बंद कमरे में दो बार बातचीत हुई. दोपहर 12.30 से एक बजे 2:10 से 2:20 बजे तक. इसके बाद सिटी एसपी बाहर निकले और मीडियाकर्मियों से कहा कि जांच जारी है. इसमें थोड़ा समय लग जाता है. नितिन नवीन को आश्वासन दिया गया है कि समय सीमा के अंदर जांच रिपोर्ट दे दी जायेगी.

* नहीं मिला कोई साक्ष्य

विधायक नितिन नवीन ने कहा कि झूठा मुकदमा किया गया है. पुलिस को 48 घंटे में भी कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है. सिटी एसपी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया है. प्रथमदृष्टया हमारे खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है. सिटी एसपी ने कहा है कि तीनचार दिनों में सुपरविजिन रिपोर्ट दी जायेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में विचार होगा.

* सच्चाई की जीत : नंदकिशोर

एएन कॉलेज गेट के बाहर धरनाप्रदर्शन कर रहे पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि नितिन नवीन के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलना, सच्चई की जीत है. बदले की भावना से उन पर कार्रवाई की गयी है. सदन में नितिन सरकार की पोल खोल दें, इसके लिए उनके खिलाफ साजिश रची गयी. पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि नगर निगम आयुक्त किसके इशारे पर काम कर रहे हैं, पता नहीं चल पा रहा. किसी आइएएस की इतनी हिम्मत नहीं है कि सदन चलने के समय वह विधायक को गिरफ्तार करने की साजिश रचे. जनता के दबाव में आकर सरकार को झुकना पड़ा है.

** प्रदर्शन में शामिल हुए ये नेता

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, पूर्व मंत्री गिरिराज सिंह, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, नंदकिशोर यादव, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, मीडिया प्रभारी अशोक भट्ट आदि.

* क्या था मामला

नगर निगम जिला प्रशासन की टीम बुधवार को एसके पुरी आवासीय कॉलोनी में चल रही दुकानों को सील करने पहुंची थी. इसका स्थानीय लोग दुकानदार विरोध कर रहे थे. दुकानदारों के समर्थन में विधायक नितिन नवीन आये थे. निगम प्रशासन ने बुधवार की देर रात काम में बाधा पहुंचाने को लेकर विधायक अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया था. गुरुवार को नितिन नवीन दोपहर तीन बजे थाने में समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने पहुंचे. जब पुलिस ने जांच जारी होने की बात कह गिरफ्तार करने से इनकार किया, तो वह थाना परिसर में धरना पर बैठ गये.
– घटनाक्रम

* 11:00 बजे: एएन कॉलेज गेट के बाहर भाजपा समर्थक व्यवसायी धरने पर बैठे

* 12:30 बजे: सिटी एसपी एसके पुरी थाने में नितिन नवीन से मिलने पहुंचे

* 1:45 बजे: भाजपा नेता धरने पर बैठे

* 2:10 बजे: सिटी एसपी सचिवालय डीएसपी फिर नितिन नवीन से मिलने आये

* 2:25 बजे: थानाध्यक्ष के कमरे से निकल नितिन नवीन धरनास्थल गये और चाजर्फ्रेम नहीं होने की बात कही और धरना खत्म. फिर विजय जुलूस निकाला

Next Article

Exit mobile version