सावधान बच्चे हैं! सिर्फ एक सुंदर नारा

खतरे में आपकी ‘जान’. बिना सीट बेल्ट व जूता पहने गाड़ी चलाते हैं ड्राइवर बाबू पटना : आप सड़क पर जब भी गुजरते होंगे, स्कूल बस के पीछे िलखी यह लाइन जरूर पढ़ते होंगे ‘सावधान बच्चे हैं!’ पर, अफसोस इस नारे पर न तो स्कूल कैंपस में अमल होता है, न ही स्कूल बसों में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 12, 2016 7:42 AM
खतरे में आपकी ‘जान’. बिना सीट बेल्ट व जूता पहने गाड़ी चलाते हैं ड्राइवर बाबू
पटना : आप सड़क पर जब भी गुजरते होंगे, स्कूल बस के पीछे िलखी यह लाइन जरूर पढ़ते होंगे ‘सावधान बच्चे हैं!’ पर, अफसोस इस नारे पर न तो स्कूल कैंपस में अमल होता है, न ही स्कूल बसों में आपके बच्चे रोज खतरनाक ड्राइव से वापस आते हैं़ आपकी बच्चों की जान को खतरा है, पर इसकी िफक्र किसी को नहीं है़
अरे सर, बच्चे को बिठा कर गाड़ी चला रहे हैं. अब तो ट्रैफिक नियमों का पालन कर लें. आपके लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है. फिर भी आप बिना सीट बेल्ट व बिना जूता पहने गाड़ी चला रहे हैं और मोबाइल पर बात कर गाड़ी चला रहे हैं.
अगर कोई दुर्घटना हुई, तो आपकी जान जायेगी और साथ में अपने बच्चे की जान को भी खतरे में डालेंगे. नियम का पालन करें और सेफ ड्राइविंग करें. यह घटना अभियान के दूसरे दिन कारगिल चौक गोलंबर की है, जहां अशोक राज पथ से एक ऑल्टो गाड़ी लेकर राजीव कुमार निकले और उनके साथ उनका बच्चा भी था.
इसी बीच उनकी गाड़ी को यातायात पुलिस ने रोक लिया और उनको उनकी गलती के बारे में बताया. दरअसल सड़क सुरक्षा सप्ताह के दूसरे दिन शहर में जगह-जगह नुक्कड़ नाटक किये गये और पंपलेट बांटे गये. बिना हेलमेट ड्राइविंग से होनेवाली दुर्घटना के प्रति लोगों को सजग किया गया. सोमवार को ट्रैफिक एसपी ने बताया कि सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन मंगलवार को अन्य संगठनों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
ऑटोचालकों की हुई मेडिकल जांच : कारिगल चौक पर फ्री मेडिकल चेकअप कैंप लगाया गया. इसमें 100 से अधिक ऑटोचालकों के स्वास्थ्य की जांच करायी गयी. उन्हें ड्राइविंग के दौरान किन बातों को ध्यान में रखना है, इसकी जानकारी दी गयी.
इसमें दुर्घटना से बचने के संदेश दिये गये तथा ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण के बारे में बताया गया. समय पर गाड़ियों की प्रदूषण जांच, इंजन मेनटेन करने की नसीहत दी गयी. वहीं ट्रैफिक पुलिस की तीन टीमों ने चार पहिया वाहनों की ड्राइविंग करनेवाले लोगों को बेल्ट लगाने के प्रति जागरूक किया.
इस दौरान मेडिकल टीम के अलावा ट्रैफिक एसपी पीके दास भी मौजूद थे. कम्युनिटी पुलिस सोनपुर, एनसीसी कैडेटेस सहित विभिन्न संगठनों ने सड़क सुरक्षा का प्रचार-प्रसार किया. डाकबंगला चौक, कारगिल चौक, इनकम टैक्स चौराहा, बोरिंग रोड, गाय घाट, ट्रांसपोर्ट नगर, सगुनामोड़ समेत अन्य स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. उन स्थानों पर लगाये गये कैंप में हेलमेट पहने के फायदे और नहीं पहने पर होनेवाली दुर्घटना की जानकारी दी गयी. ऑटोचालकों को भी बताया गया कि अपनी गाड़ियों में दायी ओर स्थायी रॉड अनिवार्य रूप से लगायें.
पटना़ : नियम तो बनाये ही जाते हैं तोड़ने के लिए. नियम को ताक पर रख पटना में स्कूली बच्चों को रखा जाता है. इसे साबित करने की जरूरत नहीं है, बल्कि स्कूल की छुट्टी के बाद आसानी से देखा जा सकता है. छुट्टी के बाद किस तरह स्कूल के बाहर स्कूल बस, ऑटो और स्कूली वैन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अनदेखी होती है. भले अभी सड़क सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी और ट्रैफिक पुलिस लोगों को खास कर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं.
पंपलेट छापे जा रहे हैं, स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. प्रभात खबर की ओर से स्कूल बस, ऑटो और स्कूली वैन में बच्चे के असुरक्षा को लेकर अभियान चलाया गया है. कंवियेंस को कैंपस में ही लगाया जायें, लेकिन इस पर अभी तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है. कैंपस होने के बावजूद स्कूली बसें और ऑटो गेट के बाहर ही लगाये जाते हैं.

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