हवा में बात करते हुए केंद्र ने गुजार दिये दो साल : संजय सिंह

पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि जिसकी इमारत झूठ के आधार पर बनी हो, उसके सामने सच्चाई आती है तो वो धाराशायी हो ही जाता है. यही हाल केंद्र में भाजपा सरकार की है. हवा में बात करते करते दो साल इन्होंने गुजार दिया, लेकिन जैसे ही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 22, 2016 5:44 AM
पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि जिसकी इमारत झूठ के आधार पर बनी हो, उसके सामने सच्चाई आती है तो वो धाराशायी हो ही जाता है. यही हाल केंद्र में भाजपा सरकार की है. हवा में बात करते करते दो साल इन्होंने गुजार दिया, लेकिन जैसे ही नीतीश कुमार जैसे सशक्त और प्रभावी नेता ने 2019 के लिए चुनौती दी, तो भाजपा अंदर से बाहर तक हिल गयी. अब भाजपा के नेता को पता नहीं है कि महागंठबंधन का जोड़ अडिग है.
और इसका आधार जदयू, आरजेडी और कांग्रेस की चट्टानी एकता पर टिकी है. भाजपा नेता सुशील मोदी को ये सोचना चाहिए कि एनडीए की बिहार में सरकार भी नहीं है, लेकिन वहां टूट है. एनडीए का हर दल अपने आप को दबा कुचला समझता है, तभी तो भाजपा को छोडकर सभी दल आपस में विलय तक को सोच रहे हैं.
ताकि वो भाजपा के मुकाबले थोड़े मजबूत हो जाए. सुशील मोदी बिहार में अपने डूबते हुए साख को बचाए, अपनी उर्जा अपने आप को जिंदा रखने में खपत करे, ना कि नीतीश कुमार की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर जलने में. उन्होंने कहा कि किसी के छोटा कह देने से कोई छोटा नही हो जाता है. सुशील मोदी को शायद बिहार विधान सभा चुनाव का वो मंजर याद नहीं है कि उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तबाड़तोड़ 28 बड़ी-बड़ी सभाएं कर गए, लेकिन चारो खाने चित हो गए.
प्रधानमंत्री ने तो बिहार में प्रखंड तक में सभा की, लेकिन जिस प्रखंड नौबतपुर में मोदी ने सभा की थी वहां भी उनकी हार हो गयी. पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार की जनता को लुभाने के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की, लेकिन बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को ही चुना. क्योंकि नीतीश कुमार में एक विश्वास, एक सच्चाई, एक समर्पण, एक संघर्ष, एक निश्चय और एक आत्मविश्वास दिखता है, जो बिहार जनता देखती है. ए जानती है और समझती है. यही वजह है कि नीतीश कुमार 2019 में देश के लिए एक बेहतर विकल्प होंगे.

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