मुङो जिम्मेवारियों का पूरा एहसास

पटना: दो दिनों तक दरभंगा की सेवायात्र पर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा सांसद कीर्ति झा आजाद के बयान से पीड़ा पहुंची है. सोमवार को जनता दरबार के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आइ एम शॉक्ड’. उनके बयान में कोई दम नहीं है. पीड़ा पहुंची है. यह व्यवहार गलत है. सेवायात्रा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:39 PM

पटना: दो दिनों तक दरभंगा की सेवायात्र पर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा सांसद कीर्ति झा आजाद के बयान से पीड़ा पहुंची है. सोमवार को जनता दरबार के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आइ एम शॉक्ड’. उनके बयान में कोई दम नहीं है. पीड़ा पहुंची है. यह व्यवहार गलत है.

सेवायात्रा पर कमेंट करना गलत
मुख्यमंत्री ने कहा, बिहार में अभी गंठबंधन कायम है. एनडीए का नेता मैं ही हूं. विधानमंडल ने मुङो नेता चुना है. हमने जिम्मेवारी संभाली है, तो उसका एहसास भी है. हम न्यायसंगत बात करते हैं. इसलिए लोगों को भरोसा होना चाहिए कि हम सबों के नेता हैं. सेवायात्र मुख्यमंत्री की होती है. यह कोई प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में होनेवाली बैठक नहीं होती है. सेवायात्र में सांसदों या जनप्रतिनिधियों को बुलाने की कोई बाध्यता नहीं है. लेकिन, हम खुद जनप्रतिनिधियों को शामिल होने का मौका देते हैं.

दरभंगा में सेवायात्र के दौरान स्थानीय विधायक ने जलजमाव का मामला उठाया था. उसी दिन हमने कहा था कि नगर विकास सचिव को इस बाबत आवश्यक निर्देश दिया जायेगा. समीक्षा बैठक के दिन सांसद कई बार बोले और अपनी बात रखी. लेकिन, जब हम अंत में अपनी बात रखते हुए कुछ घोषणाएं कर रहे थे, तो उस समय उन्होंने टोका, तो हमने कहा कि बात हो गयी है. जलजमाव के लिए बनायी जानेवाली कार्ययोजना में जनप्रतिनिधियों के अलावा सिविल सोसाइटी से भी बातचीत की जायेगी. हमने ऐसा कुछ नहीं कहा कि जिससे किसी को कष्ट हुआ हो. सेवायात्रा को हवाई यात्र कहे जाने पर उसे दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन शब्दों पर ध्यान नहीं देते. सेवायात्र पर कमेंट करना गलत है. इस यात्र का मकसद सूक्ष्म स्तर पर सरकार की योजनाओं की समीक्षा करना है. डीजीपी व एडीजी या मुख्य सचिव, विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा होती है. आसपास के जिलों या प्रमंडल स्तर पर समीक्षा की जाती है.

नरेंद्र मोदी का पोस्टर लगानेवाला जाने
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर एजेंसियों की ओर से चुनाव में राजनीतिक दलों की स्थिति पर सर्वे किया जाता है. बिहार में अभी गंठबंधन कायम है. इसलिए इसमें अगर-मगर जोड़ कर बात करना उचित नहीं कि गंठबंधन टूटता है, तो किसे लाभ होगा और किसे नुकसान. कल किसने देखा है. यह सामान्य संदर्भ में कही गयी बात है. सेवा यात्रवाले जिलों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर लगाये जाने पर सीएम ने कहा कि कौन तसवीर लगा रहा है, यह तो लगानेवाला ही जाने. हमने कहीं भी पोस्टर नहीं देखा. अखबारों से ही जानकारी मिलती है. नरेंद्र मोदी द्वारा यात्र के दौरान काला कपड़ा दिखाये जाने व यात्रा को अधूरा छोड़ने के बयान पर अनभिज्ञता जतायी.

बेरोजगार लालू खोज रहे रोजगार
सोमवार को मुख्यमंत्री के निशाने पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद रहे. परिवर्तन रैली में जदयू नेता संजय सिंह व संजय झा को अल्सेशियन कहे जाने परे लालू प्रसाद का नाम लिये बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा स्वभाव, वैसी आदत व वैसा ही संस्कार होता है. वे बेरोजगार हो गये हैं और रोजगार खोज रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि रैली हुई और उसमें लोग नहीं आये. आखिर खीझ कहीं तो निकलेगी.
इसलिए कुछ भी बोल रहे हैं. रैली के दिन ही हमने कहा था कि बड़बोलों का जवाब नहीं देता. उन्होंने कहा कि जब अवसर मिला, तो दुरुपयोग किया जाता रहा. पर्याप्त समय था. अगर जिम्मेवारियों का एहसास होता, तो काफी कुछ कर सकते थे. हमें बहुमत मिला है, तो हम काम कर रहे हैं. जदयू प्रवक्ता संजय सिंह द्वारा लालू प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने के सवाल पर कहा कि सबों में बरदाश्त करने की सीमा होती है. राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल पर सरचार्ज लगाये जाने के सवाल पर कहा कि पहले डीजल पर यह सरचार्ज लगा करता था.

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