पटना : मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) में हुई व्यापक स्तर पर धांधली में सीबीआइ की जल्द ही बिहार के कई शहरों में छापेमारी करेगी. छानबीन तकरीबन अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. करीब एक साल से चली आ रही इस जांच प्रक्रिया में अब तक सीबीआइ ने 155 एफआइआर दर्ज करवायी है. इस मामले में करीब आधे आरोपी बिहार के हैं या इनके तार सीधे तौर पर बिहार से जुड़े हुए हैं. सीबीआइ अभी सभी मामलों की जांच कर अंतिम निष्कर्ष निकालने में लगी है. इसके लिए व्यापक स्तर पर देश के कई शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है. इस धांधली में शामिल कई वैसे लोगों की भी तलाश की जा रही है, जो अब तक छिपे हुए हैं या कहीं भाग गये हैं. कुछ ऐसे लोगों के भी नाम सामने आ सकते हैं, जिन पर अभी तक शक नहीं किया गया था.
संस्थानों का लिया जा रहा है लोकेशन
सीबीआइ बिहार में इस जांच को अंतिम दौर में पहुंचाने के लिए नये सिरे से सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों और इसमें शामिल लोगों का लोकेशन लिया जा रहा है. इनमें कई नये संस्थानों को लोकेट किया जा रहा है, जो अभी तक इसके घेरे में नहीं आये हैं. कई नये लोग भी इस जांच की जद में आ सकते हैं. सीबीआइ बिहार में लोकेट किये गये इन तमाम नये संस्थानों और लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर सकती है. पीएमसीएच के अलावा डीएमसीएच और एनएमसीएच समेत अन्य संस्थानों में फिर से खोज शुरू की जा सकती है. हालांकि सीबीआइ ने अभी तक किसी संस्थान या व्यक्ति विशेष के बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी है. मामले में इतना तय है कि अब तक हुई जांच में कई नये लोगों के नाम सामने आये हैं, जो अलग-अलग संस्थानों से जुड़े हुए हैं.
बिहार से है गहरा कनेक्शन
सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक तकरीबन सभी मामले इंदौर और भोपाल के अलग-अलग एक दर्जन थानों में दर्ज करवाये गये हैं. इसमें छह मामलों की जांच पूरी होने के बाद करीब 20 लोगों को अभियुक्त बनाकर चार्जशीट दायर किया जा चुका है. इन छह मामलों में जिन लोगों को आरोपी बनाकर चार्जशीट दायर किया गया है, उनमें तीन-चार को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी है. बचे हुए दूसरे मामलों, जिनमें अभी चार्जशीट दायर नहीं की गयी है. उनमें आरोपी बनाये गये लोगों में भी काफी की गिरफ्तारी हो चुकी है. हालांकि कई आरोपियों की तलाश अभी जारी है. इनमें सैकड़ों लोगों को आरोपी बनाये गये हैं.