फास्ट एक्शन के चक्कर में बड़ी चूक कर रही बिहार पुलिस? भीड़ में घिरकर लाचार पड़ने की यह है बड़ी वजह…
Bihar Police: बिहार पुलिस जब कार्रवाई करने जाती है तो उनपर हमले बढ़ते हैं.दो एएसआइ की मौत बीते दिनों हो चुकी है. इसके पीछे की बड़ी वजह क्या है वो भी सामने आयी है.

बिहार में पुलिस पर हमले के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले पांच दिनों में ही हमले की तीन बड़ी घटनाएं हुई जिनमें दो एएसआइ की मौत हो चुकी है. जबकि आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं. अररिया और मुंगेर में दो पुलिस पदाधिकारियों की मौत ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है. मुंगेर-पटना-जहानाबाद समेत कई और जिलों में पुलिस पर हमले की घटना सामने आयी. इन घटनाओं के पीछे की वजह कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की कमी बतायी जा रही है.
पुलिस पर हमले की बड़ी घटनाएं, दो ASI की मौत
पुलिस पर हमले की तीन बड़ी घटनाओं में एक अररिया जिले के फुलकाहा थाना क्षेत्र का है जहां एक फरार वारंटी को पकड़ने गयी पुलिस से धक्का-मुक्की की गयी जिसमें एक एएसआई राजीव रंजन मल्ल की मौत हो गयी. वहीं 14 मार्च को मुंगेर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में शराब पीकर हंगामा कर रहे लोगों को समझाने पुलिस पहुंची तो जमादार संतोष कुमार सिंह पर धारदार हथियार से हमला हुआ. हमले में जख्मी एएसआइ की इलाज के दौरान मौत हो गयी. तीसरी घटना भागलपुर जिले की है. जहां अंतीचक थाना अंतर्गत एक गांव में मामले को सुलझाने पहुंची पुलिस पर लोगों ने पथराव कर दिया.
पुलिस से कहां हो रही चूक?
हाल के दिनों में बिहार पुलिस सक्रिय होकर घटनास्थल पर पहुंच रही है. बिहार पुलिस के इस रेस्पांस टाइप पर मुख्यालय स्तर से मॉनीटरिंग की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि पुलिस किसी घटना की सूचना मिलने के कितने समय के अंदर घटनास्थल पर पहुंच रही है.
दो ASI की मौत की वजह?
बिहार पुलिस मुख्यालय के शीर्ष अधिकारी मानते हैं कि रेस्पांस टाइम कम रखने के प्रयास में पुलिस पदाधिकारी बेहद कम बल रहने पर भी घटनास्थल पर पहुंच जा रहे हैं. ऐसे में जब मामला बढ़ जाता है तो पुलिस अफसरों के लिए बचना मुश्किल होता है. अररिया और मुंगेर में एएसआइ की मौत की बड़ी वजह यही रही.