संवाददाता,पटना बिहार में गर्मी ,आंधी-बारिश और संभावित सुखाड़ की स्थितियों से निबटने के लिए ऊर्जा विभाग ने तैयारियां की हैं.ऊर्जा सचिव और सीएमडी बीएसपीएचसीएल पंकज कुमार पाल की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि इन तैयारियों का उद्देश्य किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में बिजली आपूर्ति बनाए रखना और बाधित होने पर त्वरित गति से बहाल करना है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ट्रांसफॉर्मर जलने की स्थिति में निर्धारित समय- सीमा के अंदर बदला जाए. कृषि फ़ीडरों में लगातार बिजली की आपूर्ति का निर्देश : सुखाड़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए कृषि फीडरों में लगातार बिजली की आपूर्ति का निर्देश दिया गया है.आवश्यकतानुसार कृषि के लिए वितरण ट्रांसफॉर्मरों की पर्याप्त संख्या मे क्षेत्रीय स्तर पर भी की गई है. वहीं, सभी जिला मुख्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, अनुमंडलीय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को डेडीकेटेड फीडरों और समर्पित ट्रांसफॉर्मरों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की जा रही है. पटना के सभी सरकारी अस्पतालों में निरीक्षण के निर्देश दिये गये हैं ताकि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य समस्या की गुंजाइश न रहे.साथ ही सभी पेयजल आपूर्ति पंप हाउसों को भी निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है. ऑपरेशन और मेंटेनेंस कार्य 24×7 चलाने का निर्देश ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने आपदा की स्थिति में ऑपरेशन और मेंटेनेंस कार्य 24×7 चलाने का निर्देश दिया है. क्षतिग्रस्त संरचना की मरम्मत व आपूर्ति बहाली के लिए फील्ड स्तर पर कर्मियों की निगरानी का भी निर्देश दिया है. सभी एकल स्रोत फीडरों को दुरुस्त रखने और वैकल्पिक फीडर स्रोत विकसित करने का निर्देश दिया गया है.विभाग ने यह भी तय किया है कि ऐसी आपदा की स्थिति में प्रत्येक दो घंटे पर आपूर्ति बहाली की प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए.
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