संवाददाता, पटना पटना वीमेंस कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग में सूर्य नमस्कार दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में बताया गया कि वैदिक काल से ही सूर्य नमस्कार की परंपरा चली आ रही है. यह गतिशील आसनों का समूह है, जिसमें हस्त उत्तान आसन, पादहस्तासन, अश्वसन्चालन पर्वत आसन इत्यादि हैं. यह शरीर के सभी जोड़, मांसपेशियों को ढीला करता है, साथ ही उनमें खिंचाव लाता है. इससे सभी आंतरिक अंगों की मालिश होती है. सूर्य नमस्कार का अभ्यास श्वास मंत्र और ध्यान के साथ करने से शरीर स्वस्थ व तेजस्वी होता हैं. इसके साथ ही मानसिक और शारीरिक शक्ति संतुलित होती है. इस अवसर पर प्राचार्या डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी, डॉ अमिता जयसवाल, डॉ कीर्ति चौधरी और रिचा प्रिया मौजूद थीं. योग टीचर मीतु कुमारी ने सूर्य नमस्कार के महत्व बताते हुए इसे छात्राओं को करना सिखाया. दर्शनशास्त्र विभाग में योग में सर्टिफिकेट डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा का पाठ्यक्रम करवाया जाता है. इस अवसर पर विभिन्न विभागों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया और उसके लाभ से परिचित हुईं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

