मनोज कुमार, पटना केंद्रीय बजट से बिहार में मखाना बोर्ड गठन की मंजूरी मिल गयी है. इसकी आगे की प्रक्रिया पूर्ण करने की दिशा में पहल शुरू हुई है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मखाना बोर्ड गठन की आगे की प्रक्रिया की जानकारी ली है. बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय से वार्ता करने का अधिकारियों को निर्देश दिया है. मखाना बोर्ड में बिहार से एक प्रतिनिधि उपाध्यक्ष पद पर नामित किये जायेंगे. उपमुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र पहल करने का निर्देश दिया है. मखाना को आयुर्वेद के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है. साथ ही मखाना को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का ड्राफ्ट भी तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. किसानों को मार्केटिंग ट्रेंड का मिलेगा प्रशिक्षण : किसानों को बाजार की बारिकियों से भी अवगत कराने का डिप्टी सीएम ने निर्देश दिया है. मखाना किसानों को इसका प्रशिक्षण देने की बात कही है. मखाना प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तमाम कवायदों को पूरा करने का निर्देश दिया है. मखाना बोर्ड के बजट का 50 प्रतिशत उत्पादन पर होगा खर्च डिप्टी सीएम ने मखाना बोर्ड के बजट का 50 फीसदी हिस्सा उत्पादन से जुड़ी चीजों पर खर्च करने का निर्देश दिया है. डिप्टी सीएम ने मखाना के जैविक उत्पादन का भी निर्देश दिया है. इसकी ब्रांडिंग पर विशेष फोकस करने का निर्देश दिया है. मखाना के घरेलू और इंटरनेशनल व्यापार के लिए गुणवत्ता और इसके सर्टिफिकेशन के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. आठ जिलों में की खेती, 25 हजार किसान जुड़े राज्य में कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया में मखाना की खेती हो रही है. कुल 38,326 हेक्टेयर में मखाना की उपज है. 21.25 क्विंटल/हेक्टेयर उत्पादकता है. इससे 25 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं.
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