संवाददाता,पटना जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राजद के उस बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें कहा गया है कि जदयू के बड़े नेता ने पार्टी छोड़ दिया है. श्री सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राजद को यह मालूम होना चाहिए कि जिस नेता को वह बड़ा बता रहा है, उसने ढाका विधानसभा सीट से 2020 के विधानसभा चुनाव में पतंग छाप पर चुनाव लड़ा था और उसे 499 वोट मिले थे. श्री सिंह ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजद को वक्फ की और वक्फ बोर्ड की बातें समझ में नहीं आतीं. उन्होंने कहा कि राजद नेताओं को बताना चाहिए कि लालू प्रसाद ने लोकसभा में 2010 में वक्फ कानून को और कड़ा बनाने की बात की थी. इधर, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पार्टी के कथित नेताओं के इस्तीफे ‘फर्जी’ हैं, क्योंकि इस पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्य पार्टी में कभी किसी पद पर नहीं रहे हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जदयू के सभी कार्यकर्ता पूरी तरह से एनडीए के इस फैसले के समर्थन में खड़े हैं, क्योंकि इससे करोड़ों गरीब मुसलमानों को लाभ मिलेगा. गौरतलब है कि पूर्वी चंपारण से मोहम्मद कासिम अंसारी और जमुई से नवाज मलिक ने सोशल मीडिया पर जदयू से इस्तीफा दिये जाने के अपने पत्र साझा किया था. श्री प्रसाद ने दावा किया कि हमारे पास विश्वसनीय जानकारी है कि इस्तीफे का नाटक करने वाले लोगों में से एक अन्य संगठन से जुड़ा है, जबकि दूसरे ने पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था.
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