IGIMS पटना में डॉक्टर व मरीज के परिजनों में मारपीट, नेता ने लहराया रिवॉल्वर, पुलिस छावनी में बदला अस्पताल

Bihar News: पटना के IGIMS अस्पताल में मरीज के परिजन और डॉक्टरों के बीच विवाद हुआ. पुलिस छावनी में अस्पताल बदल गया.

By ThakurShaktilochan Sandilya | February 27, 2024 11:50 AM

पटना के IGIMS अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की शाम 6:15 बजे एक मरीज के परिजन व डॉक्टर आपस में भिड़ गये और मारपीट और धक्का-मुक्की हुई. इसके कारण अफरा-तफरी मच गयी. इस दौरान मरीज के परिजन बड़ी संख्या में पहुंच गये और उनमें से एक ने रिवॉल्वर लहराया. उसने डॉक्टरों व कर्मियों पर रिवॉल्वर भी तान दिया. मामला काफी बढ़ गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शास्त्रीनगर, एयरपोर्ट, राजीव नगर व अन्य थानों की पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया.

रिवॉल्वर लहराने वाला गिरफ्तार..

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिजन रिवॉल्वर लेकर इमरजेंसी वार्ड में आये थे. उनलोगों ने रिवॉल्वर के बल पर कई डॉक्टरों को धमकाया और मारपीट की. इस मामले में आइजीआइएमएस के सिक्योरिटी सुपरवाइजर बच्चा प्रसाद सिंह के लिखित आवेदन पर चार नामजद व छह अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नामजदों में सृजनी सिंह, चंद्रभान सिंह, सूरजभान सिंह व अभिषेक सिंह शामिल हैं. इसके बाद रिवॉल्वर लहराने वाले चंद्रभान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. वह मूल रूप से भोजपुर जिले के नवादा थाने के वार्ड नंबर 19 प्रोफेसर कॉलोनी के रहने वाला है. गिरफ्तार चंद्रभान एक पार्टी से भी जुड़ा है. उसके रिवॉल्वर लहराने की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में कैद हो चुकी है.

पुलिस छावनी में बदला अस्पताल परिसर..

इधर, आक्रोशित परिजनों को देख इमरजेंसी वार्ड के रेड जोन के डॉक्टर व नर्स काफी डर गये और अपने आप को दो घंटे तक आइसीयू में बंद रखा. देर रात 10 बजे तक आइजीआइएमएस छावनी में तब्दील रहा और रह-रह कर हंगामा होता रहा. हालांकि रात दस बजे के बाद स्थिति सामान्य हो गयी.

बोले एसएसपी..

एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और रिवॉल्वर का प्रदर्शन करने के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है. रिवॉल्वर, कारतूस व मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है. रिवॉल्वर का लाइसेंस को रद्द करने के लिए भी अनुशंसा की जायेगी.

मरीज का ठीक से इलाज नहीं करने का आरोप

जानकारी के अनुसार, भोजपुर जिले की रहने वाली 78 वर्षीया कुसुमलता देवी को 24 फरवरी को इमरजेंसी वार्ड के रेड जोन आइसीयू बेड नंबर 17 पर भर्ती किया गया था. परिजनों का आरोप है कि मरीज का इलाज ठीक से नहीं किया जा रहा था. यहां तक इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर भी समय पर देखने नहीं आ रहे थे, जिससे नाराज होकर हंगामा किया गया है. परिजनों का कहना है कि डायलिसिस के लिए डॉक्टरों को बोला जा रहा था, इसके बावजूद डायलिसिस नहीं किया गया और मरीज की हालत बिगड़ गयी. इसी बात को लेकर परिजन डॉक्टर व परिजन आमने-सामने आ गये और मारपीट हो गयी. इसके बाद परिजन के काफी संख्या में समर्थक वहां पहुंच कर मारपीट व हंगामा करने लगे. उनमें से एक इंद्रभान सिंह के हाथ में रिवॉल्वर भी था.

एक घंटे तक नहीं हुआ इमरजेंसी के मरीजों का इलाज

डॉक्टरों के साथ हाथापाई के बीच एक घंटा तक इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह से डिस्टर्ब रहा. इस दौरान खासकर रेड जोन वार्ड में मरीजों का इलाज नहीं हो पाया. स्थिति को सामान्य होने में दो घंटे हो गये.

क्या कहते हैं अस्पताल के उपनिदेशक

मरीज कुसुमलता को 17 नंबर बेड पर भर्ती थी. उसका किडनी, हार्ट व लंग्स पहले ही फेल हो गये थे. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. आक्रोशित परिजन डॉक्टरों के साथ भिड़ गये और एक परिजन वार्ड में ही पिस्टल लहराने लगा. घटना सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हो गया है.

डॉ मनीष मंडल, उप निदेशक, आइजीआइएमएस

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