आंधी-पानी से बिजली पर बड़ा असर, तैयार हो रही रिपोर्ट
एक सप्ताह से बिहार में तेज आंधी और भारी बारिश का असर सिर्फ जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर रूप से पड़ा है.
संवाददाता, पटना एक सप्ताह से बिहार में तेज आंधी और भारी बारिश का असर सिर्फ जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर रूप से पड़ा है. प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पेड़ गिरने, तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही. ऊर्जा विभाग मौसम के कारण हुई क्षति का आकलन कर रहा हे. कितने फीडर प्रभावित हुए, कितने बिजली पोल टूटे या गिरे, कितनी लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, कितने ट्रांसफॉर्मर जले या क्षतिग्रस्त हुए, बिजली आपूर्ति कितने क्षेत्रों में बाधित, नुकसान का अनुमानित आर्थिक मूल्य, मरम्मत में तैनात टीमों की संख्या, मरम्मत कार्य कब से शुरू हुआ, हादसे या जनहानि की जानकारी आदि बिंदुओं पर सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी गयी है. कुछ जिलों ने क्षति की जानकारी मुख्यालय को उपलब्ध भी करा दी है. मौसम विभाग ने 19 अप्रैल तक राज्य के 22 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात को लेकर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था. इस दौरान 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जतायी गयी थी. बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, समस्तीपुर और पश्चिम चंपारण आदि जिलों से बिजली पोल टूटने और हाइ वोल्टेज लाइन के क्षतिग्रस्त होने की खबरें लगातार आयीं. इन हालात में विद्युत विभाग की तकनीकी टीमों ने खराब मौसम के बावजूद फील्ड में उतरकर आपूर्ति बहाल करने के लिए दिन-रात काम किया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्यभर में करीब 400 से अधिक स्थानों पर आपूर्ति बाधित होने पर प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया. कई जिलों में 33 केवी और 11 केवी की लाइनों में फॉल्ट आने के कारण अस्पतालों, जलापूर्ति केंद्रों और ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति रुक गयी थी. तेज आंधी और बारिश के कारण राज्य भर में 1200 से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गये, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई़ हालांकि यह आंकड़ा आधिकारिक नहीं है़ विभाग ने कर्मचारियों को दी शाबाशी घने अंधेरे, तेज हवा और जलजमाव के बीच लाइनमैनों ने जोखिम उठाकर तारों को जोड़ा, ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत की और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल की. ऊर्जा सचिव पंकज पाल ने ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों के काम की सराहना की है. विभाग ने वीडियो भी साझा किया है. संदेश दिया है कि जब तेज बारिश और आंधी-तूफान ने बिजली आपूर्ति को बाधित किया, तब हमारी टीमों ने मोर्चा संभाला, मौसम की परवाह किये बिना, लंबे समय तक काम करते हुए और हर संभव प्रयास करते हुए रोशनी को फिर से लौटाया.
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