फिर पेच में फंस गयी योजना

डोर टू डोर कूड़ा उठाव. लोगों को अभी और करना होगा इंतजार... नगर निगम की लेटलतीफी शहर में स्वच्छता की राह में अटका रहा रोड़ा. पूर्णिया : डोर टू डोर कचरा निष्पादन की योजना एक बार फिर टेंडर के पेच में फंस गयी है. शहरवासियों को अब और इंतजार करना होगा. दरअसल बीते 28 मई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 16, 2017 5:05 AM

डोर टू डोर कूड़ा उठाव. लोगों को अभी और करना होगा इंतजार

नगर निगम की लेटलतीफी शहर में स्वच्छता की राह में अटका रहा रोड़ा.
पूर्णिया : डोर टू डोर कचरा निष्पादन की योजना एक बार फिर टेंडर के पेच में फंस गयी है. शहरवासियों को अब और इंतजार करना होगा. दरअसल बीते 28 मई को टेंडर खुलने के बाद निगम ने तत्काल एक ही संस्था के माध्यम से शहर के कुछेक महत्वपूर्ण शहरी इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा निष्पादन का कार्य जून में शुरू करने की योजना बनायी थी, पर ऐसा नहीं हुआ. इस निर्णय का विरोध निगम के अंदर ही होने लगा. अब स्थिति यह है कि जब तक नये सिरे से ए ग्रुप का टेंडर नहीं होता है,
तब तक यह योजना शहर में एक सपना ही बन कर रहेगी.
क्या थी योजना : शहरी विकास के साथ ही स्वच्छता को लेकर निगम ने जो योजना बनायी थी उसमें शहर को तीन जोन में बांटा गया था. जिसमें बाजार इलाका, घनी आबादी का इलाका और अन्य सामान्य इलाकों में अलग-अलग सफाई के लिए नियम बने थे. जिसमें हाट बाजार वाले इलाकों के डोर टू डोर के साथ दिन में दो बार कचरा निष्पादन, पॉश इलाकों में प्रतिदिन और सामान्य इलाकों में भी प्रतिदिन कचरा निष्पादन की योजना थी जिसमें लिए इस योजना को लागू किया जाना था, मगर यह योजना भी अब लेटलतीफी की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. जिससे लोगों की परेशानी बढ़ने की उम्मीद है.
शहरवासी 2014 से ही कर रहे हैं इंतजार
सर्व स्वच्छता मिशन के तहत वर्ष 2014 में नगर निगम बोर्ड की बैठक में डोर टू डोर पर फैसला लिया गया. तब भी टेंडर निकला था. संवेदकों ने टेंडर डाला भी था. उस समय भी यह योजना टेंडर तक ही सीमित रह गयी. 2017 में फिर सुगबुगाहट हुई. निगम का दावा था कि जून से इस योजना को मूर्तरूप देने की घोषणा हुई. टेंडर भी निकला लेकिन फिर पुरानी बात ही हो गयी. निगम की लेटलतीफी शहर में स्वच्छता की राह में रोड़ा अटका रहा है बल्कि पूर्व की तरह इस बार भी यह योजना फाइल में कैद न हो जाये. इसे लेकर लोगों को संशय है.