प्रमंडल के किसान जैविक खेती कर बनें खुशहाल : आयुक्त

पूर्णिया : प्रमंडलीय आयुक्त डा सफीना एएन ने किसानों की माली हालत सुधारने के लिए सीमांचल में जैविक खेती पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए किसानों को हरसंभव सहयोग किया जायेगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक जिला में जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण केन्द्र खोलने तथा पंचायत स्तर पर इसके […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

पूर्णिया : प्रमंडलीय आयुक्त डा सफीना एएन ने किसानों की माली हालत सुधारने के लिए सीमांचल में जैविक खेती पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए किसानों को हरसंभव सहयोग किया जायेगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक जिला में जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण केन्द्र खोलने तथा पंचायत स्तर पर इसके लिए प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया.

आयुक्त मंगलवार को प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में प्रमंडल के सभी जिलों के कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रही थीं. उन्होंने प्रमंडल के किसानों को जैविक आधारित खेती को चुनौती के रूप में लेने की सलाह देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के किसान अधिकांश रासायनिक खाद का उपयोग कर जमीन को बंजर बनाने की ओर अग्रसर हैं.
उन्होंने डीएओ को निर्देश दिया कि जिला स्तर पर जागरूक किसानों की एक टीम बनाकर राज्य से बाहर जहां जैविक पद्धति से खेती की जाती है, वहां देखने व समझने के लिए भेजें. आयुक्त ने अधिकारियों से जानना चाहा कि मखाना की फसल कितने दिनों में तैयार हो जाती है, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रोजेक्ट बनाने का निर्देश दिया. डीएओ पूर्णिया सुरेन्द्र प्रसाद ने बैठक में बताया कि पूर्णिया जिले के श्रीनगर प्रखंड में 13 करोड़ की लागत से मखाना पर प्रोजेक्ट तैयार किया गया है.
आयुक्त ने अगली बैठक में प्रोजेक्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बैठक में बताया गया कि पूर्णिया के हरदा बाजार मखाना के लिए प्रसिद्ध है. बैठक में आयुक्त के सचिव राजेश चौधरी, प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक कृषि(शष्य), प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक कृषि(पाट), जिले के सभी डीएओ, प्रशाखा पदाधिकारी संजय कुमार, सचिवालय सहायक गोपाल कुमार गोपी आदि मौजूद थे.
मक्का में फॉल आर्मी कीट का प्रकोप
आयुक्त ने कहा कि प्रमंडल में अनुकूल जमीन एवं जलवायु होने के कारण यहां के किसान बड़ी संख्या में मक्का की खेती करते हैं. पूर्णिया प्रमंडल में भी फॉल आर्मी कीट का प्रकोप पहुंच चुका है. इसकी रोक-थाम की समीक्षा की गयी. आयुक्त ने विभागीय वैज्ञानिकों व अधिकारियों को फॉल आर्मी कीट की रोकथाम में जुटने का निर्देश दिया. पूर्णिया प्रमंडल से मक्का की सप्लाइ आंध्र प्रदेश तक किया जाता है.
इसके लिए पूर्णिया में रेलवे रैक भी बनाये गये है परंतु सड़क मार्ग अच्छे होने से ट्रक से भी मक्का की सप्लाइ दूसरे राज्यों में हो रही है. बैठक में बताया गया कि टिशू कल्चर की जांच के लिए यहां कोई लैब उपलब्ध नहीं है. टिशू कल्चर पौधों की सप्लाइ सील वायोटेक कटिहार की कंपनी द्वारा इस क्षेत्र में कराया जाता है. टिशू कल्चर की जांच भी वे अपने स्तर से ही कराते हैं.
फसल क्षति का मुआबजा देने का निर्देश आयुक्त ने सभी डीएओ को निर्देश दिया कि किसानों के हित में चलाये जा रहे कृषि विभाग की नयी-नयी योजना से संबंधित जानकारी का प्रसारण कराने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सके.
आयुक्त को विभागीय अधिकारी ने आश्वस्त कराया कि प्रमंडल के किसी भी जिले में बीज सप्लाई में कोई कठिनाई नहीं है. आयुक्त ने बारिश से होने वाले फसल क्षति का आकलन करने तथा 33 प्रतिशत फसल क्षति होने की स्थिति में ही फसल क्षति मुआबजा देने का निर्देश दिया.
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रमंडल में खाद की आपूर्ति पर्याप्त है खाद की कोई कमी नहीं है. बैठक में बताया गया कि कृषको को खाद में मिलने वाली अनुदान की राशि अब आसानी से मिल रहे है. वर्षापात एवं सभी अधिकारियों के कार्य का सिड्यूल की जानकारी की गई. अगले बैठक में आत्मा के परियोजना निदेशक को भी भाग लेने का निर्देश दिया गया.
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