10 वर्षों से जारी काम आज तक पूरा नहीं हुआ

समीक्षा. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने पेयजल व शौचालय योजना के कार्य पर जताया असंतोष नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसादन ने कहा जिलाधिकारी के साथ बैठक कर नया डीपीआर तैयार किया जायेगा मुंगेर : नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसादन ने मंगलवार को नगर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2016 2:37 AM

समीक्षा. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने पेयजल व शौचालय योजना के कार्य पर जताया असंतोष

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसादन ने कहा जिलाधिकारी के साथ बैठक कर नया डीपीआर तैयार किया जायेगा
मुंगेर : नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसादन ने मंगलवार को नगर भवन में प्रमंडल के सभी छह जिलों के नगर निकाय प्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ बैठक कर पेयजलापूर्ति, शौचालय एवं सबके लिए आवास योजना की समीक्षा की. इस दौरान मुंगेर प्रमंडल के मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, जमुई एवं शेखपुरा द्वारा डे बाइ डे रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर असंतोष व्यक्त किया.
मुंगेर के पेयजलापूर्ति पर डिप्टी मेयर बेबी चंकी ने प्रधान सचिव को बताया कि एजेंसी द्वारा पिछले दस वर्षों से काम किया जा रहा है. लेकिन आजतक काम पूर्ण नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में 20-25 वार्डों में पेयजलापूर्ति संभव हो पायेगा. जिस पर प्रधान सचिव ने कहा कि पीएचइडी द्वारा जहां पाइप लाइन बिछाया गया है वहां हमलोगों को पाइप डालना ही नहीं है. डोर टू डोर पेयजलापूर्ति के लिए जिलाधिकारी के साथ बैठक कर नया डीपीआर तैयार किया जायेगा और हर घर पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा. वहीं जमालपुर में भी 50 प्रतिशत वार्डों में ही पेयजल उपलब्ध हो पायेगा.
हवेली खड़गपुर के कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकलाप पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि झील के माध्यम से पानी सप्लाई करने की योजना है जो पिछले आठ वर्षों में पूर्ण नहीं हो पाया है. खगड़िया जिले के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पुराना वाटर सप्लाई सक्षम है. जिससे वर्तमान में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि पीएचइडी द्वारा जो पाइप लाइन बिछाया गया है वह अबतक विभाग को सौंपा नहीं गया है. वर्तमान में 155 हैंडपंप के सहारे पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. इसके अतिरिक्त पीएचइडी के विभाग के 224 चापाकल हैं जिसमें कुछ खराब है.
नये सिरे से घर-घर पेयजलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने की आवश्यकता है. लखीसराय में पीएचइडी द्वारा दो जलमीनार बनाया गया है. वहां डिमांड के अनुसार दस स्टैंड पोस्ट के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. वर्तमान व्यवस्था के तहत कुल 33 वार्ड में 13 वार्ड में ही पेयजलापूर्ति संभव है. 172 समरसेबुल के माध्यम से 3500 घरों में पानी का सप्लाई किया जा रहा है. शेखपुरा के पीएचइडी के सहायक अभियंता ने बताया कि एक हजार की आबादी पर 200 घरों में स्टैंड के माध्यम पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.
साथ ही सोलर सिस्टम के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गयी है. प्रधान सचिव ने कहा कि इस संदर्भ में शीघ्र रिपोर्ट बना कर दें. जमुई जिले में किसी भी घर में डोर टू डोर पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है. वहां हैंड पंप एवं टैंक के माध्यम से पानी की व्यवस्था है. इस संदर्भ में प्रधान सचिव ने डीपीआर बनाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही प्रधान सचिव ने शौचालय, उत्पादित कचरे से वर्मी कंपोस्ट बनाने जैसे मुद्दों पर भी गहन समीक्षा की.

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