पूर्णिया : राज्य सरकार की ओर से घोषित पूर्ण शराबबंदी का असर न केवल सामाजिक स्तर पर, बल्कि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी स्पष्ट नजर आने लगा है. स्थानीय पुलिस ने उत्पाद विभाग के साथ न केवल शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया, बल्कि लगातार छापेमारी कर शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
पूर्णिया : राज्य सरकार की ओर से घोषित पूर्ण शराबबंदी का असर न केवल सामाजिक स्तर पर, बल्कि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी स्पष्ट नजर आने लगा है. स्थानीय पुलिस ने उत्पाद विभाग के साथ न केवल शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया, बल्कि लगातार छापेमारी कर शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने में भी कामयाब रहा.
हजारों लीटर शराब जब्त किये गये और सैकड़ों लोगों को उत्पाद अधिनियम के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. मद्यनिषेध के बाद गत वर्ष की तुलना में अब तक अपराध में 43.5 फीसदी की कमी आयी है, जो काफी महत्वपूर्ण है.
नदी से लेकर जमीन तक निगरानी
स्थानीय पुलिस ने मद्यनिषेध नीति को धरातल पर उतारने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रखी है. बंगाल की सीमा से लगे महानंदा, कनकई और परमान नदी में तीन वोटर वोट के सहारे शराब के अवैध कारोबारियों पर नजर रखी जा रही है. जबकि जीपीएस सुविधा से लैस आठ चार पहिया वाहन लगातार दूरगामी इलाके में गश्ती में लगे हुए हैं. इसके अलावा पांच बाइक सवारों को भी गश्ती एवं छापेमारी कार्य में लगाया गया है. इतना ही नहीं,
जिला समाहरणालय परिसर में समेकित नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे कर्मी मौजूद रहते हैं. पूर्णिया पुलिस की ओर से थाना स्तर पर पंचायतों में जागरूकता अभियान चला कर लोगों को शराबबंदी के खिलाफ प्रतिबद्ध बनाया गया है.
115 गिरफ्तार, 99 मुकदमे दर्ज : शराब के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए दालकोला एवं चूनापुर में चेकपोस्ट का निर्माण कराया गया है. इसके अलावा 13 स्थानों पर बैरियर का भी निर्माण किया गया है. इसमें पूर्णिया मोड़, डगराहा मोड़, दौलतपुर मोड़, सिमरिया मोड़, दलमालपुर चौक, कन्हरिया बाजार, बनभाग चौक, मरंगा टॉल प्लाजा, सिंघिया चौक, मीरगंज चौक, थाना चौक, सरसी चौक और चैनपुरा गाछी शामिल है.
इसके अलावा 08 ब्रेथ एनालाइजर मशीन के सहारे शराबियों की जांच-पड़ताल की जा रही है. अब तक ब्रेथ एनालाइजर मशीन के आधार पर 03 एफआइआर दर्ज हो चुका है और 04 अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं. वर्ष 2016 में कुल 11517 लीटर शराब एवं 600 लीटर स्प्रीट तथा 900 लीटर ताड़ी पुलिस की ओर से बरामद किया गया है. उत्पाद अधिनियम के तहत अब तक कुल 99 कांड प्रतिवेदित हुए हैं, जिसमें 115 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
शराब और अपराध का अन्योन्याश्रय का संबंध रहा है. आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि सभी प्रकार के अपराध में शराबबंदी के बाद कमी आयी है. अपराधियों पर नकेल के लिए पुलिस सक्षम है और प्रयासरत भी है.
निशांत कुमार तिवारी, एसपी, पूर्णिया
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