पूर्णिया के किसानों को मिले सस्ते दर पर खाद, मक्का के लिए तय हो समर्थन मूल्य : सांसद
मक्का के लिए तय हो समर्थन मूल्य
लोकसभा में उठाया किसानों की बदहाली का मुद्दा, खाद की कालाबाजारी पर जतायी चिंता पूर्णिया. लोकसभा में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने संसद के पटल पर किसानों की बदहाली और खाद की कालाबाजारी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार से डीएपी और यूरिया जैसे आवश्यक खादों की सुलभ और सस्ती उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की.पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया, सीमांचल और कोसी इलाके के किसानों को यूरिया 450 रुपये और डीएपी 1600 रुपये प्रति बोरी की दर से मिल रहा है, जबकि यह दरें तय कीमत से काफी अधिक हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि रिटेलर, होलसेलर और अधिकारियों की मिलीभगत से खाद की कालाबाजारी होती है, जिससे किसानों को न समय पर खाद मिल पाती है और न ही वाजिब दाम. उन्होंने यह भी कहा कि खाद की कमी और कालाबाजारी के चलते खाद नेपाल और बांग्लादेश तक भेजा जा रहा है, जबकि हमारे किसानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा. सांसद ने कहा, पूर्णिया के किसानों को बिजली नहीं, पानी नहीं और खाद भी नहीं मिलती. उनके दर्द को देखने वाला कोई नहीं है. सांसद पप्पू यादव ने मक्का और मखाने के उचित मूल्य निर्धारण की भी जोरदार मांग की. उन्होंने कहा कि मक्का की कीमत लगातार गिर रही है, जिससे किसान भारी घाटे में जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि मक्का के लिए तत्काल समर्थन मूल्य घोषित किया जाए, ताकि किसान बर्बाद होने से बच सकें. गौरतलब है कि यह मुद्दा वे पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई पूर्णिया जिले की समीक्षा बैठक में उठा चुके हैं, जहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. इसी तरह सदन से सड़क तक विभिन्न मंचों से किसानों के मुद्दे उठाते रहे हैं.
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