मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रशिक्षण संपन्न
मानसिक विभाग की विशेषज्ञ टीम पीएचसी व सीएचसी पर करायेगी सेंसीटाइजेशन कार्यक्रम
प्रशिक्षकों ने बताया पूरी तरह ठीक किया जा सकता है मानसिक रोग
सही समय पर दवा देना बहुत जरूरी
सासाराम ऑफिस : जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल परिसर में स्थित जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में चल रहा तीन दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हो गया. तीन दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम दिन 27 जीएनएम व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया. गौरतलब है कि प्रशिक्षण के प्रथम दिन विगत 18 दिसंबर को जिले के 22 सामान्य डाॅक्टरों को विशेष ट्रेनिंग दी गयी थी.
ताकि, वह अपने कार्य क्षेत्र में आनेवाले मानसिक रोगियों का ईलाज कर सके. उन्हें प्रशिक्षण में बताया गया था कि अगर समस्या हैंडल न हो पाये तो उसे सदर अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में रेफर कर दें. जिससे मरीज का संपूर्ण उपचार हो सके. इसी प्रकार जीएनएम व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया कि वे अपने-अपने पीएचसी में जाकर मानसिक रोगियों की पहचान कर सके.
तथा इनकी उपचार देखभाल में अपना सहयोग दें सके. साथ ही मानसिक रोगियों को उपचार करवाने के लिए प्रोत्साहित कर सके. वहीं प्रशिक्षण शिविर के अंतीम दिन मास्टर ट्रेनर मनोचिकित्सक डॉ आरके सिंह ने प्रशिक्षुओं को बताया कि मानसिक रोग को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.
मानसिक रोग की शुरुआत नींद की परेशानी व अकेले रहना इत्यादि से होती है. वहीं न्यूरोट्रांसमिटर में कुछ विशेष उतार-चढ़ाव हो जाता है. उन्होंने बताया कि मानसिक रोग में डिप्रेशन, एनजाइटी, बाईपोलर, इटिंग डिजऔडर, डिमेंसिया एवं एपिलेप्सी इत्यादि मुख्य हैं. जिसको दवा से ठीक किया जा सकता है.
बशर्ते दवा सही रूप से समय पर लिया जाये. साथ ही उन्होंने बताया कि मानसिक विभाग की विशेष टीम जिसमें मनोचिकित्सक डॉ. आरके सिंह, नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ विप्लव सिंह, मनो सोशल वर्कर उपेंद्र सिंह, मनौवैज्ञानिक नर्स के मंडेश्वरन, कम्यूनिटी नर्स स्वेता कुमारी, वार्ड अस्टिेंट राजेश कुमार शामिल हैं. विशेषज्ञ टीम द्वारा जनवरी 2018 से जिले के हर पीएचसी और सीएचसी में जाकर सेन्सीटाइजेशन कार्यक्रम कारवायेगी. ताकि, सरकार के द्वारा चलाये जा रहे मानिसक स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्य सुचारू रूप से समय पर पूरा किया जा सके.
जिससे सभी लाभान्वित हो सके. डॉ आरके सिंह ने बताया कि इस टीम के अतिरिक्त मनोचिकित्सक उपलब्ध नहीं होंने के कारण एक मेडिकल ऑफिसर डॉ राजीव रंजन को मानसिक आरोग्यशाला बेंगलुरु द्वारा 15 दिन का विशेष ट्रेनिंग देकर ओपीडी सदर अस्पताल में नियुक्त किया गया है. ये भी इस विशेषज्ञ टीम में अपनी भूमिका दे रहे हैं.