दफ्तर का चक्कर लगने के लिए मजबूर हैं उपभोक्ता
डेहरी ऑन सोन (सदर) : बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. पिछले कई माह से गलत बिलिंग को लेकर उपभोक्ता काफी परेशान हैं. बिल में अंकित गलत रीडिंग को सुधारने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के दफ्तर का चक्कर काटना पड़ रहा है.
बावजूद बिल में इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है. स्थिति यह है कि अधिकारी तो बिल सुधार में करने का दावा करते हैं, लेकिन बिल में गलत रीडिंग का सिलसिला थम नहीं रहा है.
घर बैठे लिख दी जाती है मीटर रीडिंग: बिजली विभाग के कर्मचारी प्रतिमाह उपभोक्ताओं के घरों में रीडिंग नहीं करते हैं. घर बैठे ही मनमाने तरीके से रीडिंग लिख दी जाती है. इसके कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों सामना करना पड़ रहा है. लोगों के कार्यालय का चक्कर लगाने का भी कोई फायदा नहीं होता है.
हर माह कैंप लगना ही समाधान : प्रशाखा क्षेत्र में प्रत्येक माह में कैंप लगाने से उपभोक्ताओं की समस्या काफी कम हो जायेगी. उपभोक्ता भी समय से बिजली बिल जमा कर सकेंगे. इससे बिजली विभाग को ही फायदा होगा.
बिजली की खपत व बिल मेें भारी अंतर: राजपुर निवासी बबन सिंह, मथूरापुर निवासी दुखन प्रसाद,सुअरा निवासी राम बिहारी सिंह, अकोढ़ीगोला निवासी लक्ष्मण प्रसाद व तिलौथू राम डिहरा निवासी लखन प्रसाद आदि ने बताया कि जिन घरों में नहीं के बराबर बिजली की खपत होती है, उन घरों का भी बिल हर माह दो सौ से तीन सौ रुपये आ रहा है.
कम बिजली खपत व ज्यादा बिजली का अंतर बिजली विभाग के कर्मचारियों को दिखाई नहीं पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी तब होती है, जब विभागीय लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को कई किलोमीटर दूर से आकर बिल सुधार कराना पड़ता है.