छात्र की मौत, फूटा गुस्सा

हादसा. परीक्षा देने घर से िनकला, बस की चपेट में आया एक सेकेंड्री स्कूल का छात्र राकेश मंगलवार की सुबह घर से परीक्षा देने के लिए निकला था. सड़क पार करने के दौरान बस की चपेट में आ गया, जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद लोगों ने जीटी रोड […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 16, 2016 7:05 AM
हादसा. परीक्षा देने घर से िनकला, बस की चपेट में आया
एक सेकेंड्री स्कूल का छात्र राकेश मंगलवार की सुबह घर से परीक्षा देने के लिए निकला था. सड़क पार करने के दौरान बस की चपेट में आ गया, जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया. लोगों ने बस में तोड़-फोड़ भी किया.
ससाराम (नगर) : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बलथुआं गांव के समीप जीटी रोड पर मंगलवार को बस की चपेट में आने से एक पांच वर्षीय आकाश कुमार की मौत हो गयी. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने बस को अपने कब्जा में लेकर तोड़-फोड़ किया गया और जीटी रोड को जाम कर दिया गया.
रोड जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी. घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, आकाश कुमार गीता घाट आश्रम निवासी राकेश कुमार का बेटा है, जो बलथुआं स्थित संत जोसेफ सेकेंडी स्कूल में एलकेजी का छात्र था. वह घर से स्कूल जाने के लिए निकला था. रास्ते में स्कूल के समीप सड़क पार करने के दौरान बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत घटना स्थल पर हो गयी. पुलिस बस को अपने कब्जा में ले ली है.
जबकि, बस का चालक फरार हो गया. सूचना पर पहुंचे एसडीओ अमरेंद्र कुमार व डीएसपी आलोक रंजन के समझाने के बाद जाम को हटाया जा सका.
जानती, तो भेजती ही नहीं : यदि को मां को पता होता कि घर से तैयार होकर परीक्षा देने निकला उसका लाल अब घर नहीं लौटेगा, तो मां उसे कभी स्कूल भेजती ही नहीं. सुबह में अपने पांच वर्षीय बेटे को सवार कर बलथुआं स्थित संत जोसेफ सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने के लिए भेजी थी.
बस की चपेट में आने से उसका लाल हमेशा के लिए खो गया. घटना की सूचना मिलते ही उसकी मां व परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. एलकेजी का छात्र आकाश दो भाई व दो बहन है. इसमें आकाश छोटा है. पहले तो सभी भाई-बहन स्कूल साथ-साथ जाते थे. लेकिन, परीक्षा के कारण आकाश अकेले स्कूल जा रहा था.
वह सड़क पार करने के दौरान बस की चपेट में आ गया. इससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद उसकी मां की रोने की चित्कार से भीड़ का माहौल गमगीन हो गया था. बार-बार यहीं कर रही थी कि अगर मैं जानती की मेरा अब घर वापस नहीं लौटेगा, तो उसे मैं स्कूल नहीं भेजती.