एक कदम उठा, तो नजर आयी बेहतरी
रंग लाया महिलाओं का झाड़ू अभियान प्रगतिशील महिला मंच ने शराब बंद करने को लेकर छेड़ा था अभियान सासाराम (नगर) : महिलाओं द्वारा गांव-गांव में शराब बंदी के खिलाफ चलाये गये अभियान व शराबियों को झाड़ू से पिटाई आदि कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे प्रगतिशील महिला मंच के अध्यक्ष सुनीता व सचिव जयमाला तिवारी ने […]
रंग लाया महिलाओं का झाड़ू अभियान
प्रगतिशील महिला मंच ने शराब बंद करने को लेकर छेड़ा था अभियान
सासाराम (नगर) : महिलाओं द्वारा गांव-गांव में शराब बंदी के खिलाफ चलाये गये अभियान व शराबियों को झाड़ू से पिटाई आदि कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे प्रगतिशील महिला मंच के अध्यक्ष सुनीता व सचिव जयमाला तिवारी ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के आंदोलन के कारण ही नयी शराब नीति लायी है.
यह महिलाओं की जीत है. अध्यक्ष ने बताया कि प्रगतिशील महिला मंच के सदस्यों ने गांव-गांव में जागरूकता व आंदोलन चला महिलाओं को अपने साथ जोड़. शराब के विरुद्ध महिलाएं हाथ में झाडू लेकर खड़ी हो गयी. उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के दौरान हम लोगों को कई जगह शराब माफियाओं व शराबियों के कोपभाजन भी बनना पड़ा. कई असामाजिक तत्वों द्वारा अपमानजनक टिप्पणी को सहते हुए हमलोग डीगे नहीं. आज महिलाओं का आंदोलन रंग लाया व सरकार शराब बंदी के लिए बाध्य हुई.
आज इस आंदोलन को चलाने के दौरान हुई कठिनाइयों की कोई मलाल नहीं है. संगठन के सचिव व तेज तर्रार सामाजिक कार्यकर्ता जयमाला तिवारी ने बताया कि दिल्ली के निर्भया कांड के बाद उन लोगों ने शराब के खिलाफ एक अभियान छेड़ दिया था. इसमें अपने संसाधन व स्थानीय महिलाओं की मदद से लगभग 20 गांवों में शराब की दुकानें बंद करायी. हालांकि दुकानें सरकारी होने के कारण पुलिस के सहयोग से फिर से खोल दी जाती थी. लेकिन उनके अभियान से अवैध शराब बनाने वाले जरूर घबरा गये थे.
गांव गांव में उनके आंदोलन से शराबियों की नींद उड़ गयी थी. मुख्य रूप से कोनार, खंडा, करवंदिया, बांसा, अमरा तालाब, मलवार, बनरसिया, सीता बिगहा, नेयाय, बैजला, लालगंज आदि गांवो में उन्होंने मुख्य रूप से आंदोलन किया था. जहां शत प्रतिशत महिलाओं का समर्थन इन्हें मिला था. वे सरकार के फैसले से खुश हैं कि देर से ही सही सरकार नींद से जागी है. और समाज के खासकर महिलाओं की बेहतरी के लिए पूर्ण शराबबंदी लागू किये हैं.
